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Hindi News झारखंडबसंत पंचमी के दिन होगा बाबा वैद्यनाथ का तिलकोत्सव, मिथिलांचलवासी पैदल क्यों आते हैं देवघर?

बसंत पंचमी के दिन होगा बाबा वैद्यनाथ का तिलकोत्सव, मिथिलांचलवासी पैदल क्यों आते हैं देवघर?

सदियों से चली आ रही प्राचीन परंपरा के अनुसार प्रत्येक वर्ष बसंत पंचमी के दिन बाबा वैद्यनाथ का तिलकोत्सव किया जाता है। इसके साथ ही इस दिन बाबा वैद्यनाथ की विशेष पूजा अर्चना की जाती है।

बसंत पंचमी के दिन होगा बाबा वैद्यनाथ का तिलकोत्सव, मिथिलांचलवासी पैदल क्यों आते हैं देवघर?
Mohammad Azamलाइव हिंदुस्तान,देवघरMon, 12 Feb 2024 10:16 PM
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बाबा वैद्यनाथ की नगरी देवघर में बसंत पंचमी के अवसर पर बाबा वैद्यनाथ के तिलकोत्सव को लेकर मिथिलांचल वासियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। बसंत पंचमी के अवसर पर लाखों की संख्या में मिथिलांचल वासी महिला पुरुष श्रद्धालु बिहार के सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर 107 किलोमीटर पैदल चलकर बाबा वैद्यनाथधाम आते हैं और बाबा वैद्यनाथ की विशेष पूजा अर्चना कर उनका तिलक चढ़ाते हैं। इस अवसर पर यहां पहुंचे मिथिलांचलवासियों को तिलकहरु कहा जाता है। ये तिलकहरु दो से तीन दिन बाबानगरी में निवास करते हैं और भजन-कीर्तन करते हैं। ये लोग बसंत पंचमी के दिन बाबा वैद्यनाथ मंदिर सहित अपने आवास स्थल पर ही विशेष पूजा और हवन करते हैं और अंत में बाबा पर जलार्पण करते हैं।

सदियों से चली आ रही प्राचीन परंपरा के अनुसार प्रत्येक वर्ष बसंत पंचमी के दिन बाबा वैद्यनाथ का तिलकोत्सव किया जाता है। इसके साथ ही इस दिन बाबा वैद्यनाथ की विशेष पूजा अर्चना की जाती है और भोग भी लगाया जाता है। बाबा वैद्यनाथ मंदिर के तीर्थ पुरोहितों के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन बाबा वैद्यनाथ की शादी का उत्सव मनाया जाता है। लेकिन उससे पहले बसंत पंचमी के दिन बाबा वैद्यनाथ का तिलकोत्सव किया जाता है। मिथिलांचल हिमालय की तराई में बसा हुआ है। जिससे मिथिलांचल वासी अपने आप को राजा हिमालय की प्रजा मानते हैं। माता पार्वती हिमालय की बेटी हैं, इसलिए मिथिलावासी खुद को भगवान शिव के ससुराल पक्ष का मानते हैं और बसंत पंचमी के दिन बाबा वैद्यनाथ को तिलक चढ़ाते हैं। बसंत पंचमी के दिन मिथिलांचलवासियों के बाबा वैद्यनाथ का तिलक चढ़ाने की परंपरा काफी प्राचीन है। मिथिलांचलवासी बसंत पंचमी के दिन विशेष पूजा अर्चना का बाबा वैद्यनाथ को भोग लगाते हैं। इसके बाद फिर आरती करते हैं और आरती करने के बाद एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर खुशियां मनाते हैं।

 बसंत पंचमी पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा वैद्यनाथधाम तिलकोत्सव समारोह में आते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए नगर आयुक्त सह प्रशासक द्वारा सभी नगरीय सुविधाएं प्रदान करने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया है। 

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