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झारखंड-गोवा के बीच सीधे संपर्क का एक और मार्ग खुला, रेलमंत्री ने किया नई ट्रेन का शुभारंभ

देवघर कार्यालय संवाददाताPublished By: Yogesh Yadav
Tue, 28 Sep 2021 08:37 PM
झारखंड-गोवा के बीच सीधे संपर्क का एक और मार्ग खुला, रेलमंत्री ने किया नई ट्रेन का शुभारंभ

झारखंड और गोवा के बीच सीधे संपर्क एक और मार्ग मंगलवार को खुल गया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जसीडीह-वास्‍को-डा-गामा एक्‍सप्रेस को जसीडीह स्टेशन से झंडी दिखाकर रवाना किया। सांसद निशिकांत दुबे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, विधायक रणधीर कुमार सिंह व नारायण दास और पूर्व लुईस मरांडी, आसनसोल डीआरएम पीएन शर्मा समेत अन्य ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन रवाना की। यह नई ट्रेन झारखंड में बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्‍ध कराएगी और अंतर-राज्यीय और राज्‍य के भीतर विभिन्‍न स्‍थानों के बीच बेहतर संपर्क सुनिश्चित करेगी।

यह झारखंड के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगी। साथ ही, पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने का काम करेगी। इससे तीर्थयात्रियों को वैद्यनाथधाम मंदिर तक पहुंचने में सुविधा होगी। भारतीय रेल ने झारखंड के लिए जसीडीह-वास्को-डा-गामा ट्रेन चलाकर पूजा के पूर्व यात्रियों को काफी सहूलियत दी है। झारखंड से गोवा के लिए पहली ट्रेन होगी। ट्रेन जसीडीह, मधुपुर, धनबाद, कतरासगढ़, चंद्रपुरा, बोकारो, रांची, राउरकेला, बिलासपुर, रायपुर, गोंदिया, काजीपुर, सिकंदराबाद होते वास्को-डा-गामा पहुंचेगी।

इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जसीडिह-वास्को-डा-गामा एक्सप्रेस झारखंड और गोवा के बीच सीधे संपर्क का एक और मार्ग खोल देगी। इसके अलावा, वैद्यनाथधाम स्थित भगवान शिव मंदिर के निकटवर्ती अन्य क्षेत्रों से आने वाले तीर्थयात्री भी इस ट्रेन के शुरू होने से लाभान्वित होंगे। कहा कि झारखंड समेत कई राज्यों को एक साथ जोड़ने का प्रयास सराहनीय है। इस ट्रेन से केवल सांस्कृतिक विकास ही नहीं बल्कि आर्थिक लाभ के साथ झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र के लोगों को भी फायदा होगा।

एक साथ झारखंड के लिए 5 लंबी दूरी की ट्रेनें गौरव का विषय : निशिकांत

सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि आजादी के इतिहास में एक साथ झारखंड के लिए 5 लंबी दूरी की ट्रेनों का मिलना गौरव की बात है। कोरोना के दौरान झारखंड के लगभग 15000 श्रमिक गोवा के आसपास फंसे हुए थे। मजदूरों को लाने के लिए सीधी ट्रेन की व्यवस्था नहीं थी। इस ट्रेन के परिचालन से द्वादश ज्योतिर्लिंग मल्लिकार्जुन के दर्शन के साथ यात्रियों को आने-जाने की विधि व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि वैद्यनाथधाम स्टेशन के आसपास रेलवे की हजारों करोड़ों की जमीन बेकार पड़ी हुई है। जमीन पर भू-माफिया की नजर लगी हुई है। रेलमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि रेलवे की जमीन पर मल्टीफंक्शनल काभ प्लेस बनाकर उपयोग किया जाए।

वैद्यनाथधाम स्टेशन पर 100 साल बाद भी दूसरा प्लेटफॉर्म नहीं बन पाया है। झाझा और पटना के बीच चलने वाली ईएमयू सवारी गाड़ी को वैद्यनाथधाम स्टेशन से जोड़ा जाए। देवघर और आसपास के यात्रियों को बिहार के कई स्टेशनों तक जाने में काफी असुविधा होती है। साथ ही बासुकीनाथ से चितरा-जोड़ामो या, मदनकट्टा-सारवां होते हुए वैद्यनाथधाम स्टेशन के बीच नई रेलवे लाइन के लिए सर्वे पूरा कर लिया गया है। इस रेल लाइन के पूरा होने के पश्चात रेलवे कोयला ढुलाई समय से अन्य कार्यों से अच्छी आमदनी की संभावना बनेगी। आने वाले दिनों में जसीडीह स्टेशन महत्वपूर्ण व्यस्त स्टेशन बन जाएगा। जहां से पांच रूट से मिलेगी। उसपर रेलवे ट्रैफिक की असुविधा होने की संभावना है। इस असुविधा को दूर करने के लिए स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों को विकसित करने के लिए आवश्यकता है। 

निशिकांत ने संतालपरगना के लिए किए कई काम : बाबूलाल

मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने अपने संबोधन में कहा कि सांसद निशिकांत दुबे के अथक प्रयास से संतालपरगना को एक साथ पांच नयी ट्रेनों की सौगात मिली है। नई ट्रेनों का परिचालन कर क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण कड़ी जोड़ने का काम किया गया है। संतालपरगना के साथ झारखंड के विकास के लिए नेशनल हाईवे सड़क परियोजना, हवाई अड्डा, एम्स को धरातल पर उतारा गया है।

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