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संकट में अन्नदाता: हुजूर इस बार तगड़ी मार पड़ी है, कुछ कीजिए, अब तो खेत भी बंजर होते जा रहे हैं

हुजूर, इस बार मौसम की तगड़ी मार पड़ी है, धान-मक्का की फसल तो देखना तक नसीब नहीं हुआ। सालभर क्या खाएंगे इसकी चिंता अभी से ही सता रही है। हमलोग बाहर जाने के लिए मजबूर हैं, सिंचाई का साधन नहीं होने के कारण खेत भी बंजर होते जा रहे हैं। शनिवार को गढ़वा जिले में सूखा प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर आई केंद्रीय टीम से अपना दुखड़ा सुनाते-सुनाते कई किसान रुआंसे हो गए। टीम के लोगों ने किसानों की पूरी बात सुनी और नोट भी किया। 

कई टीमों में बंटकर विभिन्न प्रखंडो में लिया जायजा 
सुखाड़ का जायजा लेने के लिए केन्द्र के पदाधिकारियों की टीम शनिवार को गढ़वा पहुंची। गढ़वा में केन्द्र के अधिकारियों ने अलग-अलग टीमों में बंटकर विभिन्न प्रखंडों के गांवों के खेतों में जाकर किसानों से जानकारी ली।  अधिकारियों के साथ गढ़वा जिले के डीसी हर्ष मंगला समेत जिले के अन्य आला अधिकारी मौजूद थे। केन्द्रीय टीम के अधिकारियों ने सदर प्रखंड के बेलचंपा पंचायत के नावाडीह और संग्रहे पंचायत के बाना गांव के खेतों में जाकर किसानों से जानकारी ली। गढ़वा स्थित सर्किट हाउस में पूछे जाने पर जानकारी देते हुए केन्द्र सरकार के संयुक्त सचिव अतिश चंद्रा ने बताया कि केन्द्र सरकार की टीम राज्य के 129 प्रखंडों में तीन दलों में अलग-अलग बंटकर सुखाड़ का जायजा लेने पहुंची है। इस क्रम में किसानों और जनप्रतिनिधियों से फसलों की हुई बर्बादी के बारे में जानकारी ली जा रही है। 

 

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  • Web Title:Anandata in crisis: Hujoor has been hit hard this time do something now even the fields are becoming deteriorating