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राज्य गठन के बाद पलामू में बना चार आरओबी, किसे मिलेगा फायदा

रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य लगातार जारी है। इसने आवागमन को काफी सुगम बना दिया है। झारखंड राज्य गठन के बाद से पूरे पलामू प्रमंडल में चार आरओबी का निर्माण हुआ है। आइये जानते हैं।

राज्य गठन के बाद पलामू में बना चार आरओबी, किसे मिलेगा फायदा
Mohammad Azamलाइव हिन्दुस्तान,पलामूMon, 26 Feb 2024 10:19 PM
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पलामू प्रमंडल क्षेत्र में रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य लगातार जारी है। इसने आवागमन को काफी सुगम बना दिया है। झारखंड राज्य गठन के बाद से पूरे पलामू प्रमंडल में चार आरओबी का निर्माण हुआ है। कई निर्माण कार्य प्रगति में हैं। इनके पूरा होने के बाद यातायात व्यवस्था के और बेहतर हो जाने की उम्मीद है।

बता दें, झारखंड गठन के पूर्व तक पूरे प्रमंडल में मात्र दो आरओबी दिखते थे। एक मेदिनीनगर शहर तो दूसरा पलामू जिले के रेहला में। वहीं, राज्य गठन के बाद एक मेदिनीनगर शहर में जेलहाता और सूदना मोहल्ले के बीच, दूसरा गढ़वा शहर के उंचरी मोहल्ला में, तीसरा हुसैनाबाद में और चौथा गढ़वा रोड और तोलरा स्टेशन के बीच में नेशनल हाइवे-39 के फोरलेन अपग्रेडेशन कार्य के तहत रेल ओवर ब्रिज बनाया गया। इधर, डालटनगंज और कजरी रेलवे स्टेशन के बीच मेदिनीनगर शहर के तीसरे आरओबी का निर्माण कार्य प्रक्रिया के अधीन है। अगले दो वर्षों में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

कानूनी पेचीदगी में फंसा निर्माण
इधर, पलामू प्रमंडल में तीन अन्य रेलवे ओवरब्रिज बनाने को लेकर लगातार मांग उठ रही है। इसमें लातेहार में चंदवा-डोभी एनएच पर प्रस्तावित ओरओबी का निर्माण कार्य कानूनी पेचीदगी में फंसा हुआ है। पलामू के हैदरनगर और गढ़वा जिले के बंशीधर नगर में भी आरओबी निर्माण को लेकर मांग उठ रही है। ट्रेनों का परिचालन बढ़ने से आवागमन में रुकावट ज्यादा हो रही है। इसके कारण यहां आरओबी के शीघ्र निर्माण की मांग उठ रही है।

जमीन को लेकर मामला अदालत में
धनबाद रेल मंडल के वरीय अभियंता हंसराज मीणा ने बताया कि चंदवा के टोरी स्टेशन के पास आरओबी निर्माण से संबंधित जमीन को लेकर मामला अदालत में है। इसके कारण निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रक्रिया लंबित है। मीणा ने कहा कि सुरक्षा व संरक्षा को बढ़ाने तथा आवागमन को सुगम बनाने के लिए लिमिटेड हाइट सबवे (एलएचएस) का तकनीक अपेक्षाकृत कम बजट का है। रेलवे बोर्ड ने आम नागरिकों व ग्रामीणों की एलएचएस से संबंधित हर तथ्यपरक मांग को पूरा करने का निर्णय लिया है।

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