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झारखंड के सरकारी स्कूलों को सुधारने का प्लान, प्रोजेक्ट इम्पैक्ट में लापरवाही करने वालों पर होगा ऐक्शन

सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए राज्य में लागू किये गए प्रोजेक्ट इम्पैक्ट की निगरानी के लिए राज्यस्तर पर अनुश्रवण टीम गठित की गई है।

झारखंड के सरकारी स्कूलों को सुधारने का प्लान, प्रोजेक्ट इम्पैक्ट में लापरवाही करने वालों पर होगा ऐक्शन
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Abhishek Mishraहिन्दुस्तान,रांचीThu, 21 Mar 2024 08:30 AM
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सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए राज्य में लागू किये गए प्रोजेक्ट इम्पैक्ट की निगरानी के लिए राज्यस्तर पर अनुश्रवण टीम गठित की गई है। टीम हर सप्ताह स्कूलों में प्रोजेक्ट इम्पैक्ट की मॉनिटरिंग कर राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक के साथ इस प्रोजेक्ट के आउटकम की जानकारी सांझा करेगी।

अप्रैल महीने में प्रोजेक्ट इम्पैक्ट की जमीनी पड़ताल के लिए राज्यस्तरीय अनुश्रवण टीम विभिन्न जिलों में जायेगी। प्रोजेक्ट इम्पैक्ट में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जायेगी।

प्रोजेक्ट इम्पैक्ट को लेकर हुई बैठक

 राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक आदित्य रंजन ने प्रोजेक्ट इम्पैक्ट को लेकर बुधवार को समीक्षा बैठक की। वे 80 मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, वार्डन और सात उत्कृष्ट स्कूलों के स्कूल प्रबंधको के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह खुद अप्रैल में प्रोजेक्ट इम्पैक्ट की स्थिति का जायजा लेने के लिए तीन-तीन स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। प्रोजेक्ट इम्पैक्ट का मकसद स्कूलों में अनुशासनात्मक और उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। सिर्फ उत्कृष्ट नाम होने से स्कूल उत्कृष्ट नहीं होते, किसी भी विद्यालय को उस स्कूल के बच्चे, शिक्षक और शैक्षणिक वातावरण मिलकर उत्कृष्ट बनाते हैं।

स्कूलों में रिस्पांसिबिलिटी रजिस्टर तैयार होगा

आदित्य रंजन ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों को रिस्पांसिबिलिटी रजिस्टर तैयार करने का निर्देश दिया है। कहा, विद्यालयों में प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रबंधकों, पठन-पाठन में संलिप्त शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों से लेकर हाउस कप्तान और क्लास मॉनिटर तक की जिम्मेदारियां तय की जाए। स्कूलों के हाउस कप्तानों और क्लास मॉनिटर के अंदर नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया जाए। उनकी जिम्मेदारियां भी तय की जाएं। उन्होंने स्कूलों को निर्देश दिया कि लगातार हाउस वाइस प्रतियोगिताओ को बढ़ावा दें। क्लास के लास्ट पीरियड में चेतना सत्र का आयोजन करें।

यूनिफार्म ट्रेनिंग को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक आदित्य रंजन ने कहा कि हर बार अलग-अलग प्रभागों, विषयों पर शिक्षकों, ट्रेनरों, वार्डन और प्रधान अध्यापकों की ट्रेनिंग अलग-अलग नहीं होगी। इससे शैक्षणिक निरंतरता प्रभावित होती है और शैक्षणिक गतिविधियां भी ससमय पूरी नहीं हो पाती। आदित्य रंजन ने कहा कि ऐसी प्रशिक्षण प्रणाली विकसित की जाए, जिसमें एक समय में सभी प्रभाग अपनी अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ले। इससे समय और संशाधनों की बचत हो और शैक्षणिक गतिविधियां भी अधिक प्रभावित ना हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रशिक्षण सत्र के बाद उस सत्र के परिणामों का आंकलन किया जायेगा।