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हिंदी न्यूज़ झारखंडझारखंड में रेल फाटकों पर रुकेंगे हादसे, जल्द होगा 70 आरओबी का निर्माण; 167 करोड़ रुपये देगी केंद्र सरकार

झारखंड में रेल फाटकों पर रुकेंगे हादसे, जल्द होगा 70 आरओबी का निर्माण; 167 करोड़ रुपये देगी केंद्र सरकार

झारखंड में रेलवे फाटकों के पास होने वाले हादसों को रोकने के लिए 70 रेलवे ओवर ब्रिज का जल्द निर्माण किया जाएगा। कई रेलवे अंडर ब्रिज भी बनेंगे। केंद्र सरकार इनके निर्माण की लागत वहन करेगी।

झारखंड में रेल फाटकों पर रुकेंगे हादसे, जल्द होगा 70 आरओबी का निर्माण; 167 करोड़ रुपये देगी केंद्र सरकार
Sneha Baluniविशेष संवाददाता,रांचीThu, 07 Jul 2022 05:43 AM

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झारखंड में 70 रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण जल्द होगा। इसके अलावा कई रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) भी बनेंगे। केंद्र सरकार की नई व्यवस्था सेतु बंधन के तहत इनके निर्माण को गति मिलेगी। जानकारी के अनुसार सेंटर रोड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (सीआरआईएफ) योजना के तहत झारखंड में आरओबी-आरयूबी निर्माण के लिये केंद्र ने 167 करोड़ रुपये रिजर्व भी कर दिया है। सरकार की इस योजना का उद्देश्य मुख्य रूप से रेलवे फाटकों के पास होने वाले हादसों को रोकना है।

दरअसल, इनके निर्माण की लागत अब केंद्र सरकार ही वहन करेगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने सेतु बंधन योजना के तहत नई व्यवस्था लागू की है। इस संबंध में केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है और उन्हें सेतु बंधन की सुविधाओं व शर्तों से अवगत कराया है। यह पुरानी व्यवस्था के अलावा नया विकल्प होगा।

80 से अधिक स्थानों पर बनना है आरओबी और आरयूबी

पथ निर्माण विभाग ने राज्य में ऐसे 80 से अधिक रेलवे क्रॉसिंग चिह्नित किया है जहां आरओबी या आरयूबी बनाया जाना है। केंद्र सरकार की नई व्यवस्था के बाद यह उम्मीद जगी है कि इन आरओबी आरयूबी का निर्माण जल्द शुरू होगा।

अब आगे क्या होगा

सूत्रों के अनुसार पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार ने अधिकारियों को एमओयू की औपचारिकताएं जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है। प्रस्ताव योजना प्राधिकृत समिति और कैबिनेट की स्वीकृति के लिये जल्द रखा जाएगा।

रांची इलाके में यहां बनेंगे आरओबी-आरयूबी

रांची-दलादली चौक से प्रेम नगर, इटकी पावर हाउस से दरहाटांड-झिंझरी-टटकुंडो रोड, मदर डेयरी नगडी के पास, इटकी मोड़ से ब्राम्बे, चामा मोड से मैक्लुस्कीगंज दामोदर ब्रिज, अनगड़ा-हाहे-राहे रोड, जोन्हा-पूरबडीह रोड
लोहरदगा-किस्को मोड़ से रिचुघुटा रोड, अकाशी-इरगांव, केसा मोड़-टंगरबसली मांडर रोड, करंजी मोड से चट्टी, चट्टी से कुडू, कैरो नया टोली से जिंगी मोड़
खूंटी क्षेत्र-पोकला, कर्रा, गोविंदपुर
रामगढ़-गोला-मुरी रोड पर तीन स्थान पर, सिल्ली मोड़ से धाकागढ़ रोड, पतरातु से बड़कागांव
पलामू-हुसैनाबाद, जपला-दंगवार रोड, जपला-नबीनगर दंगवार रोड
गढ़वा-नगरउटारी-भावनाथपुर-खराडीह-डाला रोड, रमना-मझिआंव
लातेहार-लातेहार-सरयू-कोटम, कुटमू-गारू-महुआडांड़ रोड

राज्य सरकार, रेलवे खुद या मिलकर करते हैं खर्च

पहले रेलवे क्रॉसिंग पर टीवीयू (रेलवे व रोड ट्रैफिक) पांच लाख से अधिक रहने पर आरओबी-आरयूबी की लागत रेलवे देती है। एक से पांच लाख टीवीयू की स्थिति में रेलवे और राज्य सरकार पचास-पचास फीसदी भागीदारी करते हैं। एक लाख से कम टीवीयू की स्थिति में राज्य सरकार खर्च करती है।

केंद्र देगा खर्च, त्रिपक्षीय समझौता करेंगे राज्य

पत्र मे जानकारी दी गई है की निर्माण की लागत केंद्र सरकार वहन करेगी। इसके लिये राज्य सरकार, रेलवे और केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच एमओयू होगा। एमओयू के बाद राज्य आरओबी-आरयूबी की सूची सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजेगा। केंद्र प्राथमिकता तय कर राशि आवंटित करेगा। सीएम को मिला यह पत्र पथ निर्माण विभाग को भी मिल गया है।

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