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हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग पर गिधनी में चक्का जाम, दुरंतो, गीतांजलि समेत 8 ट्रेनें फंसीं, पैसेंजर को एक्सप्रेस बनाकर किराया बढ़ाने का विरोध

जमशेदपुर हिन्दुस्तान टीमPublished By: Malay Ojha
Sat, 25 Sep 2021 08:30 PM
हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग पर गिधनी में चक्का जाम, दुरंतो, गीतांजलि समेत 8 ट्रेनें फंसीं, पैसेंजर को एक्सप्रेस बनाकर किराया बढ़ाने का विरोध

झाड़ग्राम-धनबाद पैसेंजर ट्रेन का किराया बढ़ोतरी के खिलाफ और पश्चिम बंगाल के गिधनी रेलवे स्टेशन पर स्टील और इस्पात एक्सप्रेस के ठहराव की मांग को लेकर शनिवार सुबह सात बजे से लेकर साढ़े नौ बजे तक ग्रामीणों ने हावड़ा-मुंबई रेलमार्ग को जाम कर दिया। इससे 8 ट्रेनें जहां-तहां फंस गई और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। इसकी वजह से ट्रेनें लेट भी हो गईं। 

रेलवे ट्रैक जाम होने के चलते हावड़ा-मुंबई मार्ग पर ढाई घंटे परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। पुरी की ओर जाने वाली नीलांचल सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन को गिधनी में, स्टील एक्सप्रेस को चाकुलिया में ही रोक दिया गया था। सूचना के बाद खड़गपुर मंडल के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे व प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। स्थानीय लोगों से उनकी मांगों को लिखित में देने और उसपर आला अधिकारियों से विचार करने की बात कहकर समझाया गया। स्थिति को संभालने के लिए आरपीएफ जवानों की बड़ी संख्या में तैनात किया गया था। दोनों मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी ट्रैक पर बैठे रहे। वे हाथों में तख्तियां लेकर किराया कम करने और दो ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन करने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। ढाई घंटे के बाद रेलवे लाइन से जाम हटा और ट्रेनें रवाना हुईं। 

दुरंतो, गीतांजलि समेत कई ट्रेनें प्रभावित

रेलमार्ग जाम होने के कारण रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए ट्रेनों को महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ही रोक दिया था, ताकि उन्हें खानपान में कोई परेशानी न हो। टाटानगर आने वाली आठ ट्रेन अपने निर्धारित समय से विलंब हो गईं। इनमें आनंद विहार से पुरी जाने वाली नीलांचल स्पेशल, हावड़ा-अहमदाबाद स्पेशल, बड़बिल-हावड़ा जनशताब्दी, हावड़ा-पुणे दुरंतो स्पेशल, हावड़ा-टाटनगर-टिटलागढ़-इस्पात सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन, गीताजंलि एक्सप्रेस भी शामिल हैं। इसके अलावा दो मालगाड़ियां भी थीं। 

पैसेंजर को एक्सप्रेस बनाकर बढ़ाया था किराया

झाड़ग्राम से धनबाद तक चलने वाली पैसेंजर को रेलवे ने एक्सप्रेस बना दिया है, जिसमें सवारी करने के लिए यात्रियों को एक्सप्रेस का किराया भुगतान करना पड़ गया। इससे लोगों में नाराजगी है। उनका मानना है कि एक्सप्रेस के बजाय पैसेंजर का ही किराया लिया जाए। पहले न्यूनतम किराया 10 रुपये था, वहीं अब 40 रुपये हो गया है। 

लिखित में मांगों को देने के बाद रेलवे के आला अधिकारी विचार करेंगे। स्टील और इस्पात एक्सप्रेस का ठहराव तभी उचित होगा, जब ठोस वजह हो। ट्रेन के किराया बढ़ने का जहां तक मसला है तो यह सेंट्रल का मामला है। फिलहाल सारी ट्रेनें स्पेशल बनकर ही चल रही हैं। 
- नीरज कुमार, मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी, दक्षिण-पूर्व रेलवे मंडल

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