झारखंड के होटलों में रुकना पड़ेगा महंगा, पर्यटकों को देना होगा नया टैक्स; बदला गया डाल्टनगंज स्टेशन का नाम
राज्य सरकार ने प्रदेश के 23 जिलों में अत्याधुनिक लाइब्रेरी के निर्माण के लिए 276.49 करोड़ रुपए का कोष बनाने को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत 800 लोगों के बैठक क्षमता वाले पुस्तकालय बनाए जाएंगे। जिनमें फर्नीचर, उपकरण और पुस्तकों सहित तमाम सुविधा होगी।

झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कुल 40 विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों में जिस प्रस्ताव की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है 'झारखंड शहर पर्यटन कर नियमावली' (सिटी टूरिस्ट टैक्स), जिसके तहत प्रदेश में आने वाले और शहरी होटल में ठहरने वाले यात्रियों से कुल बिल मूल्य पर कर वसूला जाएगा। इस टैक्स की दर GST या गैर GST होटलों के अनुसार अलग-अलग रहेगी। इसके अलावा इस बैठक में बुनियादी ढांचा और शिक्षा सहित कुल 40 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें पलामू जिले के ऐतिहासिक डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर 'मेदिनीनगर रेलवे स्टेशन' करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
पर्यटकों को देना होगा ‘सिटी टूरिस्ट टैक्स’
इस बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिव वंदना डडेल ने बताया कि, 'मंत्रिमंडल ने झारखंड शहरी पर्यटन कर नियम (सिटी टूरिस्ट टैक्स), 2025 को मंजूरी दे दी है। जिसके तहत घरेलू पर्यटकों को किसी भी होटल (जीएसटी या नॉन जीएसटी) में ठहरने पर उनके कुल बिल का दो प्रतिशत राज्य सरकार को टैक्स के रूप में भुगतान करना होगा।'
आगे उन्होंने बताया कि जिन होटल में GST की दर 18 प्रतिशत से कम है, वहां पर पर्यटकों से 2.5% टैक्स वसूला जाएगा, जबकि जिन होटलों में GST की दर 18 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां पर्यटक शुल्क 5 प्रतिशत होगा।
विदेशी पर्यटकों के मामले में उन्होंने कहा, 'विदेशी पर्यटकों के लिए, गैर-जीएसटी होटल में कर की दर 4 प्रतिशत होगी, वहीं 18 प्रतिशत से कम GST वाले होटल में उनसे 5 प्रतिशत लिया जाएगा और 18 प्रतिशत या उससे ज्यादा GST वाले होटल में विदेशी पर्यटकों से 10 प्रतिशत की दर से टैक्स लिया जाएगा।'
बदला गया डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन का नाम
बैठक में कैबिनेट ने पलामू जिले के ऐतिहासिक डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर 'मेदिनीनगर रेलवे स्टेशन' करने को भी मंजूरी दे दी। केंद्र सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने के बाद कैबिनेट ने इस पर अपनी मुहर लगा दी।
23 जिलों में बनाई जाएंगी अत्याधुनिक लाइब्रेरी
इसके साथ ही राज्य सरकार ने प्रदेश के 23 जिलों में अत्याधुनिक लाइब्रेरी के निर्माण के लिए 276.49 करोड़ रुपए का कोष बनाने को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत 800 लोगों के बैठक क्षमता वाले पुस्तकालय बनाए जाएंगे। जिनमें फर्नीचर, उपकरण और पुस्तकों सहित तमाम सुविधा होगी। इनमें से प्रत्येक लाइब्रेरी पर अनुमानित 12.02 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
PM आवास योजना शहरी 2.0 को लागू करने को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने राज्य भर के शहरी क्षेत्रों में केंद्र सरकार की PMAY-U 2.0 (प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0) के क्रियान्वयन को भी मंजूरी दे दी। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम जिले में ड्राइविंग, प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान की स्थापना के लिए अनुमानित 22 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। कैबिनेट सचिव ने बताया कि इन 22 करोड़ में से केंद्र सरकार 17 करोड़ रुपए देगी, जबकि टाटा मोटर्स जमशेदपुर 1.82 करोड़ रुपए का योगदान देगी और शेष 3.21 करोड़ रुपए राज्य सरकार वहन करेगी।
BIT में स्थापित होंगे 4 उत्कृष्टता केंद्र
इसके अलावा मंत्रिमंडल ने चालू वित्त वर्ष के लिए धनबाद स्थित बीआईटी सिंदरी में चार उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना को भी मंजूरी दे दी। कैबिनेट सचिव ने बताया कि इन केंद्रों का संचालन बीआईटी सिंदरी इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर फाउंडेशन करेगा। इस पर पांच वर्षों में अनुमानित 38.58 करोड़ रुपए का व्यय होगा।
कैबिनेट ने ये महत्वपूर्ण फैसले भी लिए
- झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित होने वाली आगामी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिकतम और न्यूनतम आयुसीमा की गणना करने के लिए कट-ऑफ तारीखें (अधिकतम आयु सीमा- 1 अगस्त, 2022 तक और न्यूनतम आयु सीमा- 1 अगस्त, 2026 तक) तय करने को भी मंजूरी दे दी गईं।
- मंत्रिमंडल ने रांची यूनिवर्सिटी के तहत आने वाले एसएस मेमोरियल कॉलेज की नई बिल्डिंग बनाने के लिए 48 करोड़ रुपए से ज्यादा भी मंजूर कर दिए।
- कोल्हान यूनिवर्सिटी के तहत आने वाले चक्रधरपुर के जवाहरलाल नेहरू कॉलेज की नई बिल्डिंग बनाने के लिए 88.92 करोड़ रुपए मंजूर किए।
- कैबिनेट ने गोड्डा जिले में सिद्धू कान्हू मुर्मू यूनिवर्सिटी के अंतर्गत एक नए महिला कॉलेज के निर्माण के लिए 69.57 करोड़ रुपए और गोड्डा के बोआरीजोर में एक डिग्री कॉलेज बनाने के लिए 40.19 करोड़ रुपए भी मंज़ूर किए।
- मंत्रिपरिषद ने 'मानकी मुंडा स्टूडेंट स्कॉलरशिप स्कीम' में बदलावों को भी हरी झंडी दे दी, जो पहले झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से जुड़े टेक्निकल इंस्टीट्यूशन के स्टूडेंट्स तक ही सीमित थी।
- इस स्कीम का लाभ अब दूसरे इंस्टीट्यूशन में टेक्निकल पढ़ाई कर रहीं फीमेल स्टूडेंट्स को भी मिलेगा। एप्लीकेशन प्रोसेस को भी आसान बना दिया गया है।
लेखक के बारे में
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