
झारखंड में दिव्यांग नाबालिग लड़की से बलात्कार, 20 वर्षीय युवक ने उठाया घर पर अकेले होने का फायदा
संक्षेप: आरोपी युवक को पता था कि लड़की बोलने, सुनने व चलने-फिरने में असमर्थ है, इस वजह से उसने वारदात को उस वक्त अंजाम दिया, जब वह घर पर अकेली थी। हालांकि लड़की के माता-पिता ने आरोपी को घर से निकलते हुए देख लिया।
झारखंड के दुमका जिले में एक नाबालिग दिव्यांग आदिवासी लड़की के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। वारदात का आरोप एक 20 वर्षीय युवक पर लगा है। आरोपी ने इस वारदात को उस वक्त अंजाम दिया, जब चलने-बोलने और सुनने में नाकाबिल नाबालिग बच्ची घर पर अकेली थी और उसके माता-पिता घर से बाहर थे। पुलिस ने गुरुवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह वारदात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार की शाम को हुई, जिसके बाद बुधवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

घटना को लेकर दुमका के मुफस्सिल थाने के प्रभारी सत्यम कुमार ने गुरुवार को पीटीआई से कहा, 'पुलिस के पास दर्ज कराई अपनी शिकायत में पीड़िता के पिता ने कहा कि मंगलवार को वह और उनकी पत्नी अपनी 13 साल की मूक-बधिर और चलने-फिरने में अक्षम बेटी को घर पर अकेला छोड़कर काम पर बाहर गए थे, तो उसी गांव का रहने वाला आरोपी उनकी झोपड़ी का दरवाज़ा तोड़कर उनके घर में घुस आया और उसके साथ बलात्कार किया।'
पुलिस अधिकारी ने कहा, 'जब वे वापस घर लौटे, तो उन्होंने आरोपी को झोपड़ी से निकलते देखा और अपनी बेटी को रोते हुए पाया। उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की, इसके बाद मंगलवार रात उसे पुलिस के हवाले कर दिया।'
पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और लड़की को दुमका के फूलो झानू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। आगे की जांच जारी है।





