सारंडा से माहभर में बचे नक्सलियों का होगा सफाया, स्पेशल डीजी दीपक कुमार ने दिया अल्टीमेटम
सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी दीपक कुमार ने शनिवार को कहा कि प्रदेश में सारंडा में ही गिने चुने नक्सली बचे हैं। उनका भी माह भर में सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा नक्सली या तो सरेंडर करें या अंजाभ भुगतने को तैयार रहें। इस दौरान केंद्रीय बलों का सबसे बड़ा टार्गेट मिसिर बेसरा है।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी दीपक कुमार ने शनिवार को कहा कि प्रदेश में सारंडा में ही गिने चुने नक्सली बचे हैं। उनका भी माह भर में सफाया कर दिया जाएगा। नक्सली या तो सरेंडर करें या अंजाभ भुगतने को तैयार रहें। इस दौरान केंद्रीय बलों का सबसे बड़ा टार्गेट मिसिर बेसरा है। आइए जानते हैं डीजी दीपक कुमार ने और क्या-क्या बताया है।
मिसिर बेसरा टीम का सर्च ऑपरेशन
कुमार यहां बालिबा कैंप में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने यहां चल रहे नक्सल अभियान की समीक्षा की। यहां एक करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के दस्ते के साथ मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन जारी है। इस दौरान सीआरपीएफ के जवान लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं, जिसमें सबसे बड़ा टार्गेट मिसिर बेसरा को माना जा रहा है।
मिसिर बेसरा करें सरेंडर
कुमार ने कहा कि सारंडा में नक्सली अब ज्यादा दिन तक नहीं बच सकेंगे। सुरक्षा बलों ने यहां ऑपरेशन तेज कर दिया है। यहां छिपे नक्सलियों का भी हजारीबाग के नक्सलियों जैसा हश्र होगा। सुरक्षाबलों के जवानों ने गुरुवार को उन्हें मार गिराया था। एसडीजी ने कहा कि शीर्ष नक्सली नेता मिसिर बेसरा, असीम मंडल दस्ते के साथ सरेंडर करे। हालांकि नक्सलियों ने अब तक कोई पहल नहीं की है। मिसिर बेसरा के बेटे और परिजन के जंगल में उसके खोजबीन पर कहा कि उन्हें जानकारी नहीं मिली है।
बता दें कि झारखंड में बीते दिनों केंद्रीय बलों ने चार नक्सलियों को मार गिराया था। कई घंटों चली गोलीबारी के बाद जवानों ने चार नक्सलियों को ढेर किया और फिर सर्च अभियान चलाकर उनके शवों को ढूंढा। शवों को ढूंढने के बाद उन्हें बाहर लाया गया और इसकी जानकारी दी गई। चार नक्सलियों को ढेर करने के बाद भी अभी टीमें जंगल में सर्च अभियान चला रही हैं। इस दौरान टीमों को मिसिर बेसरा की तलाश है।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा और सारंडा जंगल के बालिबा के सीआरपीएफ कैंप का शनिवार को सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी दीपक कुमार ने निरीक्षण किया। उनके साथ साथ कई आला अधिकारी भी थे। उन्होंने वहां जवानो को मिल रही सुविधाओं व समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने जवानों से मुलाक़ात कर उनकी हौसलाफजाई की। इसके अलावा दो दिन पूर्व चराडेरा में हुए मुठभेड़ व ऑपरेशन को लेकर जानकारी लेते हुए कई दिशा निर्देश दिया। दूसरी ओर सर्च अभियान को तेज कर दिया है।
स्पेशल डीजी के दौरे के दौरान आईजी सीआरपीएफ साकेत कुमार, आईजी एसटीएफ अनूप बीरथारे, डीआईजी सीआरपीएफ रांची सतीश लिंडे, डीआईजी विनोद कार्तिक, 193 सीओ ओमजी शुक्ला, एसपी अमित रेनू, 193 द्वितीय कमान अधिकारी मौजूद थे। उधर, चौथे दिन भी सीआरपीएफ, कोबरा, जगुआर, जिला पुलिस के जवानों ने सर्च अभियान चलाया।जवानों ने पूरे दस्ते को घेर रखा है। उनके ठिकाने तक पहुंचने का प्रयास जारी है।
पुलिस ने परिजनों को सौंपा इनामी नक्सली का शव
केरेडारी। हजारीबाग के केरेडारी थाना क्षेत्र के बुंडू स्थित खपिया जंगल में शुक्रवार को पुलिस मुठभेड़ में इनामी नक्सली सहदेव महतो उर्फ सुभाष मारा गया था। स्थानीय पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शनिवार दोपहर परिजनों को सौंप दिया है। खपिया के कोतीझरना जंगल में मारे गए चार नक्सलियों का आपराधिक रिकॉर्ड चौंकाने वाला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन चारों पर कुल 77 संगीन मामले दर्ज थे। सबसे अधिक मामले 15 लाख रुपये के इनामी रिजनल कमेटी सदस्य सहदेव महतो पर दर्ज थे। इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख संचालक माने जाने सहदेव में अकेले 41 मामले दर्ज हैं। पुलिस को कई बार वह चकमा देकर फरार हो चुका है। लंबे समय से उसकी तलाश जारी थी।
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