
मां की हत्या के जुर्म में जेल गया बेटा, 6 साल बाद कोर्ट ने कर दिया बरी; क्या थी वजह
रांची में मां की हत्या के आरोप में जेल में बंद आरोपी बेटा कृष्णा महतो को अदालत से बड़ी राहत मिली है। टाटीसिल्वे थाना क्षेत्र के सिलवई गांव में हुई घटना को लेकर पुलिस ने कृष्णा महतो (41 साल) को 18 सितंबर 2019 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, तब से वह लगातार जेल में रहा।
रांची में मां की हत्या के आरोप में जेल में बंद आरोपी बेटा कृष्णा महतो को अदालत से बड़ी राहत मिली है। टाटीसिल्वे थाना क्षेत्र के सिलवई गांव में हुई घटना को लेकर पुलिस ने कृष्णा महतो (41 वर्ष) को 18 सितंबर 2019 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, तब से वह लगातार जेल में रहा। अपर न्यायायुक्त शैलेंद्र कुमार की अदालत में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से उसके ऊपर लगे आरोप को साबित नहीं कर पाया।
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि पूरे मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला, न ही कोई ठोस भौतिक या वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किया गया। विवेचक ने भी माना कि जांच के दौरान किसी ने घटना को अपनी आंखों से देखने का दावा नहीं किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आईओ संतोष कुमार कुल सात गवाहों को पेश किया गया, लेकिन इनमें से अधिकांश गवाह अपने बयान से मुकर गए। इन परिस्थितियों में अदालत ने अभियोजन की कहानी को संदेहपूर्ण मानते हुए कृष्णा महतो को बरी किया। निर्दोष साबित होने के बाद वह छह साल तीन महीने 17 दिन बाद जेल से बाहर निकला।
जाने क्या था पूरा मामला
यह मामला 16 सितंबर 2019 का है। मृतका मुन्नी देवी का शव उनके घर से बरामद किया गया था। अगले दिन 17 सितंबर 2019 को उनकी रिश्तेदार गुडन देवी के फर्दबयान पर टाटीसिल्वे थाना कांड संख्या 64/2019 दर्ज की गई थी। आरोप था कि जमीन अपने नाम कराने के लिए दबाव बना रहा बेटा कृष्णा महतो ने ही अपनी मां की हत्या कर बैठा। पुलिस ने 18 सितंबर 2019 को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पूर्व मंत्री के बेटे पर अपहरण की कोशिश का आरोप लगाया
रांची। पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के पुत्र अमित राज पर अपहरण की कोशिश और जबरन वाहन ले जाने का आरोप लगा है। इस संबंध में बड़गाई निवासी पंकज नाथ ने अमित राज के विरूद्ध डीजीपी, एसएसपी और खेलगांव थाना में शिकायत दर्ज करायी है। पंकज का आरोप है कि 25 दिसंबर की शाम अंकित राज व उनका साथी संजीव साव उन्हें घर से बुलाकर खेलगांव हाउसिंग सोसाइटी ले जाने लगे। इसी दौरान आरोपियों ने उनसे हिसाब किताब की बात की। वहां पर गुड्डू सिंह कुछ लोगों को लेकर पहुंचे हुए थे। इस बीच जान से मारने की धमकी देने लगे। उन्हें जबरन अगवा का प्रयास किया। कुछ लोगों के सहयोग से वह जान बचाकर भागे। उनकी गाड़ी भी आरोपियों ने अपने साथ ले गए। इधर, पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।





