कागज रख लें तैयार, झारखंड में भी होगा SIR; चुनाव आयोग ने बताया समय

Feb 20, 2026 06:28 pm ISTMohammad Azam हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड, दिल्ली और उत्तराखंड समेत 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जल्द ही मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होगा। चुनाव आयोग ने तीसरे चरण को शुरू करने के लिए इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को एसआईआर की तैयारी के निर्देश दिए हैं।

कागज रख लें तैयार, झारखंड में भी होगा SIR; चुनाव आयोग ने बताया समय

एसआईआर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। झारखंड, दिल्ली और उत्तराखंड समेत 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जल्द ही मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू होगा। भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने एसआईआर के तीसरे चरण को शुरू करने के लिए इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को एसआईआर की तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा है कि इन राज्यों में अप्रैल में एसआईआर कराए जाने की संभावना है। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आदेश में संबंधित राज्यों को कहा गया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ी तैयारी जल्द पूरा करें, ताकि समय से काम शुरू हो सके।

इन राज्यों में होगा एसआईआर

आयोग ने झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली के अलावा आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किया है।

बिहार में एसआईआर का काम पहले चरण में पूरा किया गया था

पहले चरण में निर्वाचन आयोग ने बिहार में एसआईआर को पूरा किया था, जबकि दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का काम वर्तमान में चल रहा है। असम में, एसआईआर के बजाए मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण का काम 10 फरवरी को पूरा किया गया था।

बता दें कि देशभर में एसआईआर की चर्चा शुरू होते ही विरोध शुरू हो गया था। विपक्षी पार्टियों ने एसआईआर करके जानबूझकर वोट कटवाने का आरोप लगाया था। एसआईआर के खिलाफ लोकसभा प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ अखिलेश यादव और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी काफी मुखर रही हैं। विपक्षी पार्टियों ने इलेक्शन कमीशन के साथ-साथ सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

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मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


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परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


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आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


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