Hindi NewsJharkhand NewsSimdega NewsWorkshop on Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act Held in Simdega College
वरिष्ठ नागरिक एवं कल्याण अधिनियम पर कार्यशाला का आयोजन

वरिष्ठ नागरिक एवं कल्याण अधिनियम पर कार्यशाला का आयोजन

संक्षेप: सिमडेगा कॉलेज में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में अधिकारियों ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की आवश्यकता और कानूनी दायित्वों के बारे में जानकारी दी।

Mon, 17 Nov 2025 07:51 PMNewswrap हिन्दुस्तान, सिमडेगा
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सिमडेगा, जिला प्रतिनिधि। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बैनर तले सोमवार को सिमडेगा कॉलेज में कार्यशाला का आयोजन किया गया। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ पीडीजे राजीव कुमार सिन्हा, डीसी कंचन सिंह,एसडीओ प्रभात रंजन ज्ञानी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामप्रीत प्रसाद, सचिव प्रद्युम्न सिंह,प्राचार्य प्रो. देवराज प्रसाद सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। कार्यक्रम में प्राधिकार के अध्यक्ष सह पीडीजे राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि समाज में ऐसे भी बुजुर्ग हैं जो अकेले पड़ चुके हैं या जिनका कोई सहारा नहीं है। जिला प्रशासन ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए वृद्धाश्रम संचालित कर रहा है।

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उन्होंने कॉलेज प्रशासन से छात्र-छात्राओं को समय-समय पर वृद्धाश्रम का भ्रमण कराने की बात कही, जिससे उनमें संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल के आदेश की अवहेलना पर कैद और जुर्माने सहित कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। कार्यक्रम में उन्होंने ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे समाज में होने वाली ऐसी घटनाओं पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर प्रशासन को सूचना दें। डीसी कंचन सिंह ने कहा कि बदलते सामाजिक ढांचे में माता-पिता की उपेक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। कई बुजुर्ग भावनात्मक,शारीरिक और आर्थिक परेशानियों से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संतानें सफल होने के बाद अक्सर अपने माता-पिता को उचित समय और देखभाल नहीं दे पातीं,जबकि बुजुर्ग इसी उम्र में सबसे अधिक सहारे की जरूरत महसूस करते हैं। डीसी ने बताया कि सरकार ने 2007 में ऐसा कानून बनाया है जिसके तहत माता-पिता की उपेक्षा,परित्याग और प्रताड़ना को दंडनीय अपराध माना गया है। बच्चों पर कानूनी रूप से भरण-पोषण की जिम्मेदारी तय की गई है। कार्यक्रम में स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष रमेश कुमार श्रीवास्तव, चीफ एलएडीसीएस प्रभात कुमार श्रीवास्तव, अधिवक्ता रामप्रीत प्रसाद, प्रद्युम्न सिंह आदि ने भी संबोधित किया। सचिव मरियम हेमरोम के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।