
ताजमहल की याद दिलाता है भंवरपहाड़ गढ़ में बना मंदिर
सिमडेगा में 2025 का अंत और 2026 का स्वागत हो रहा है। कोलेबिरा का भंवरपहाड़ गढ़ नए साल के लिए सैलानियों को आकर्षित कर रहा है। यहां एक अद्भुत तालाब है जो कभी नहीं सूखता और सफेद कमल के फूलों से भरा है। यह जगह नए साल का जश्न मनाने के लिए एक खूबसूरत स्थान है।
सिमडेगा, प्रतिनिधि। कुछ खट्टी कुछ मिठी, कुछ अच्छी व कुछ बुरी यादों के साथ वर्ष 2025 अब हमारी जिन्दगी से विदा होने वाला है। विदाई के साथ आने वाला साल 2026 के स्वागत की तैयारी भी शुरु हो चुकी है। वहीं जिले के पहाड़ो, नदी व जंगलों से भरी मन को लुभाती मनोरम दृश्य डैम और जंगल नये वर्ष मनाने वालों के लिए पुरी तरह तैयार होकर पर्यटकों को अपनी ओर बांहे फैलाकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। इन सब से भी हटकर प्रखंड में स्थित पहाड़ों से घिरे झरनों व तालाबों से परिपूर्ण कोलेबिरा का भंवरपहाड़ गढ़ है।
भंवरपहाड़ गढ़ नए वर्ष के स्वागत के लिए सैलानियों को अपनी ओर बाहें फैलाए आकर्षित कर रही है। यहां पर अजुबा की तरह पहाड़ के बीचो बीच एक तालाब है, जो कभी नहीं सुखता है। इस तालाब में सफेद कमल के फुल खिलते हैं जो और भी शोभनीय है। यहां पर एक मंदिर है, जो ताजमहल की याद दिलाता है। पहाड़ के उपर में लोग घर बनाकर जीवन यापन कर रहे हैं। जो पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करती है। कैसे पहुंचे कोलेबिरा प्रखंड मुख्यालय से महज तीन किमी होने के कारण यहां बाईक, टेम्पू अथवा पैदल भी पहुंचा जा सकता हैं। जहां पहुंच कर लोग नए साल का सेलेब्रेट कर सकते हैं। लोग सुबह सात बजे जाकर शाम पांच बजे लौट सकते है।

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