कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज़ को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है: बाड़ा
झारखंड के प्रखंड मुख्यालय में मनरेगा बचाओ संग्राम, पेसा कानून और एस.आई.आर. पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। विधायक भूषण बाड़ा और नमन विक्सल कोंगाड़ी ने मनरेगा और पेसा कानून के महत्व पर जोर दिया। महिला जिलाध्यक्ष जोसिमा खाखा ने महिलाओं की भागीदारी पर ध्यान केंद्रित किया।

ठेठाईटांगर, प्रतिनिधि। प्रखंड मुख्यालय में गुरुवार को मनरेगा बचाओ संग्राम, पेसा कानून नियमावली और एस.आई.आर. पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष सह विधायक भूषण बाड़ा, विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी तथा महिला जिलाध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा मुख्य रूप में शामिल हुए। मौके पर विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि मनरेगा सिर्फ़ मजदूरी देने की योजना नहीं है, यह ग्रामीण सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार है। आज जरूरत है कि इसका सही क्रियान्वयन हो, काम समय पर मिले और भुगतान में देरी न हो। पेसा कानून हमारे गरीब आदिवासी समाज की अस्मिता की ढाल है।
उन्होंने कहा कि ग्रामसभा को अधिकार मिले बिना विकास अधूरा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से हमारे कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं का सही मूल्यांकन कर पाएँगे और हर पंचायत में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित होगी। कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज़ को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। शिविर में एस.आई.आर. प्रशिक्षण देने के लिए जीप सदस्य सामरोम पौल तोपनो, सुचिता तिर्की एवं डा. इम्तियाज हुसैन उपस्थित थे। जिन्होंने 86 बूथों के सभी बीएलए. को तकनीकी एवं व्यवहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षण में मनरेगा कार्यों की पारदर्शिता, जन-भागीदारी बढ़ाने, पेसा नियमावली के तहत ग्रामसभा सशक्तिकरण और एसआईआर के माध्यम से सरकारी योजनाओं के सामाजिक प्रभाव का मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में अशफाक आलम, प्रमुख बिपिन पंकज मिंज, जॉन लकड़ा, जॉनसन डांग, फ्रांसिस बिलुंग, शमी आलम, रवेल लकड़ा आदि कार्यकर्ता मौजूद थे। झारखंड की ताकत गांव है और गांव की ताकत उसकी जनता: विक्सल कोंगाड़ी विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि झारखंड की ताकत गांव है और गांव की ताकत उसकी जनता। पेसा कानून हमारे समुदाय को निर्णय लेने की शक्ति देता है। इसका सही पालन हो, यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मनरेगा से हजारों परिवारों की आजीविका चलती है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीएलए. आज जिस तरह प्रशिक्षण ले रहे हैं, उससे भविष्य में और अधिक पारदर्शी व जवाबदेह पंचायत व्यवस्था बनेगी। ग्रामीण अपने अधिकारों को जाने: जोसिमा खाखा महिला जिलाध्यक्ष जोसिमा खाखा ने कहा कि पेसा कानून और मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी सबसे अहम है। गांव की प्रत्येक महिला अपने अधिकारों को जाने, ग्रामसभा में भाग ले और योजनाओं की निगरानी करे, यही असली बदलाव है। आज का प्रशिक्षण शिविर महिलाओं, युवाओं और पंचायत प्रतिनिधियों को मजबूत बनाएगा। हमारा लक्ष्य है कि हर योजना का लाभ सही व्यक्ति तक पहुँचे और ग्रामीण विकास में महिलाएँ समान भागीदार बनें।
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