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मिट्टी की महक से सोने की तरह चमकेगा ग्रामीणों का जीवन

मिट्टी को आकार दिया जाए तो मिट्टी भी जीवन को सोने की तरह चमक सकती है। प्रखंड के पोगलोया पंचायत स्थित एडगा गांव में रूर्बन मिशन योजना के तहत मिट्टी...

मिट्टी की महक से सोने की तरह चमकेगा ग्रामीणों का जीवन
हिन्दुस्तान टीम,सिमडेगाTue, 28 May 2024 02:30 AM
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हिंदुस्तान
मिट्टी को आकार दिया जाए तो मिट्टी भी जीवन को सोने की तरह चमक सकती है। प्रखंड के पोगलोया पंचायत स्थित एडगा गांव में रूर्बन मिशन योजना के तहत मिट्टी कला के माध्यम से लोगों की तकदीर को संवारने का कार्य किया जा रहा है। कुछ दशक पूर्व में मिट्टी के बर्तन और मिट्टी के समान बनाने का कार्य कुम्हार जाति के लोग करते थे। लेकिन बदलते समय में रूबन मिशन के अधिकारियों के प्रयास एडेगा पंचायत के विभिन्न जाति के लोग अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से मिट्टी के बर्तन गिलास मूर्ति आदि का निर्माण कर रहे हैं। सरकार की ओर से गांव के महिला मंडल एवं पुरुषों को माटी कला का प्रशिक्षण दिया गया और इसके बाद ग्रामीणों के द्वारा मिट्टी के गिलास एवं मूर्ति का निर्माण किया गया है। हालांकि अभी तक ग्रामीणों द्वारा बनाए गए उत्पाद के लिए बाजार एवं बिक्री दर निर्धारित नहीं की गई है। लेकिन ग्रामीणों ने बताया कि मिट्टी कला के माध्यम से बनाए गए उत्पाद का बाजार में डिमांड है, जिससे उन्हें अच्छा लाभ होने की उम्मीद जगी है। वर्तमान में मिट्टी कला के इस कार्य में 3 महिला मंडल की छह सदस्य और तीन पुरुष जुटे हुए हैं। इनके द्वारा मिट्टी का दिया, ग्लास, कपड़ा और मूर्ति का निर्माण किया जा रहा है। रूबन मिशन के अधिकारी उमा शंकर के द्वारा लगातार ग्रामीणों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है और इसी का परिणाम है कि आज ग्रामीण अपने पारंपरिक कार्य से हटकर दूसरे कार्य में भी अपने हुनर से लोगों को प्रभावित कर रहे हैं।

मिट्टी के उत्पाद को सुखाने के लिए शेड की है जरूरत

मिट्टी कला का काम करने वाली महिला मंडल के सदस्य मालती देवी, कौशल्या देवी, अनिता देवी,पुष्पा देवी,जुवती देवी,मालती देवी,अमर सिंह,दिनेश सिंह,जयंत सिंह के द्वारा कार्य किया जा रहा है।उन्होंने बताया की अभी तक तैयार किया गया सामग्री का मूल्य तय नही किया गया है। महिलाओं ने बताया की कार्य स्थल में पानी,शेड का अभाव है।जो शेड बना है उसमें लगा चदरा आंधी तूफान से क्षतिग्रस्त हो गया है।उन्होंने बताया की मिट्टी के समान बनने के बाद उसे सुखाने के लिए लगे मशीन भी खुला में रखा गया है, जिसके कारण बरसात में दिक्कत होगी। कार्य करने वाले ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शेड बनाने की मांग की है।

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