
जानकारी के आभाव में रैन बसेरा और आश्रय गृह का लाभ नहीं ले पा रहे हैं गरीब
सिमडेगा में ठंड के कारण गरीबों की परेशानी बढ़ गई है। सरकार ने शहरी क्षेत्र में रैन बसेरा और आश्रय गृह का निर्माण कराया है, लेकिन इसका लाभ गरीबों को नहीं मिल रहा है। संचालक के अनुसार, बेड और कंबल की व्यवस्था नि:शुल्क है, फिर भी कई दिहाड़ी मजदूरों को इसकी जानकारी नहीं है।
सिमडेगा, प्रतिनिधि। जिले में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड के कारण शाम होते ही शहर के सड़कों में सन्नाटा पसरने लगा है। इससे गरीबों की परेशानी बढ़ गई है। जिले के शहरी क्षेत्र में गरीब असहाय लोगों की रात गुजारने के लिए सरकार ने एक रैन बसेरा और एक आश्रय गृह का निर्माण कराया है। लेकिन इसका फायदा गरीबों को नहीं मिल रहा है। नगर भवन परिसर स्थित रैन बसेरा भवन में सोने के लिए प्रर्याप्त व्यवस्था की गई है। वहीं पानी टंकी के बगल में बने वीर बुधु भगत आश्रय घर में गरीबो के रुकने के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध करायी गई है।
यहां बेड, कंबल आदि की व्यवस्था नि:शुल्क दी जाती है। शुक्रवार की रात आश्रालय में पांच लोग रुके पाए गए। अधिकतर लोग दिहाड़ी मजदूर थे। जो होटल वगैरह में काम करते है और रात में आश्रय घर में शरण लेते है। संचालक ने बताया कि आश्रालय में गरीबों के रुकने के लिए प्रर्याप्त सुविधा उपलब्ध है। कोई भी व्यक्ति यहां आसानी से ठहर सकता है। उसके लिए किसी को भी शुल्क देना नहीं पड़ता है। गुरुवार की रात कंपलेक्स में स्थित दुकान के बरामदे पर एक दिहाड़ी मजदूर रात गुजारते हुए नजर आए। मजदूर ने बताया कि उन्हें रैन बसेरा एवं आश्रय गृह की जानकारी नहीं है। वे शहर में ही इधर उधर जगह देखकर रात गुजार लेता है। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रशासन से कंबल भी नहीं मिला है। इधर नप प्रशासक अरिवंद तिर्की ने कहा कि गरीबों के लिए रैन बसेरा एवं आश्रय गृह में बेड, कंबल आदि की व्यवस्था नि:शुल्क दी जाती है। कोई भी गरीब यहां जाकर लाभ ले सकता है।

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