
मध्यस्थता 2.0 के तहत लंबित मामलों का आपसी सहमति से होगा त्वरित निष्पादन: सचिव
सिमडेगा में मध्यस्थता 2.0 अभियान की सफलता को लेकर एक बैठक हुई। इसमें सचिव मरियम हेमरोम ने बताया कि अभियान का उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित और सुलभ समाधान करना है। यह विभिन्न विवादों को शामिल करेगा और 2 जनवरी से 31 मार्च के बीच मामले चिन्हित किए जाएंगे।
सिमडेगा, प्रतिनिधि। झालसा एवं डालसा के संयुक्त तत्वावधान में मध्यस्थता 2.0 अभियान की सफलता को लेकर शनिवार को डालसा सचिव मरियम हेमरोम की अध्यक्षता में मध्यस्थ अधिवक्ताओं के साथ बैठक हुई। बैठक में सचिव ने बताया कि राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 2.0 के तहत लंबित मामलों का आपसी सहमति से त्वरित, सुलभ एवं कम खर्च में निपटारा कर आम लोगों को न्याय तक शीघ्र पहुंच प्रदान करना है। अभियान के तहत वैवाहिक विवाद, सड़क दुर्घटना दावा मामले, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति विभाजन, बेदखली, भूमि अधिग्रहण एवं अन्य मध्यस्थता योग्य दिवानी मामलों को शामिल किया गया है।
बताया कि दो जनवरी से 31 मार्च की अवधि में ऐसे मामलों की पहचान होगी जिसका मध्यस्थता के माध्यम से निपटारे की संभावना है। चिन्हित मामलों को विशेष रूप से मध्यस्थता के लिए भेजा जाएगा। ताकि लंबित मामलों का शीघ्र समाधान हो सके। सचिव ने कहा कि पक्षकारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अभियान के दौरान सप्ताह के सातों दिन मध्यस्थता सत्र आयोजित किए जाएंगे। ये सत्र पूरी तरह ऑफलाइन,ऑनलाइन अथवा हाइब्रिड मोड में संपन्न कराए जा सकते हैं। बैठक में अधिवक्ता कोमल दास, संजय महतो, रामप्रीत प्रसाद, प्रद्युम्न सिंह, शकील अहमद, पीके दत्ता आदि उपस्थित थे।

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