रसोईया संयोजिकाओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है सरकार: संघ
सिमडेगा में झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयोजिका संघ की बैठक हुई, जहां रसोइयों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। रसोइयों का कहना है कि उन्हें 66 रुपये रोज़ मिलते हैं, जो महंगाई के हिसाब से बहुत कम है। विधायक और सरकार से कोई पहल नहीं होने से रसोइयों में निराशा है।

सिमडेगा, प्रतिनिधि। झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयोजिका संघ की प्रखंड स्तरीय बैठक सोमवार को अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष माइकेल खेस और मंच संचालन आश्रिता खेस ने की। मौके पर रसोईया संयोजिकाओं ने कहा कि हमारी संगठन 18 फरवरी से अब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। लेकिन सरकार अभी तक हमारी मांगों पर विचार नहीं कर रही है। इसकी सूचना सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा व कोलेबिरा विधायक विक्सल कोनगाड़ी को भी दिया गया है। लेकिन दोनों विधायकों ने भी अब तक कोई पहल नहीं की। स्कूलों में कई विधवा एवं गरीब महिला विद्यालय में खाना बनाती हैं।
विद्यालय में हम रसोईया संयोजिका सुबह 9:00 बजे से 3:00 तक कार्य करते हैं। इसके बदले में प्रतिदिन 66 रुपए 66 पैसा दिया जाता है। महंगाई आसमान छू रही है। ऐसे में 66 रुपए में हम परिवार कैसे चलाएंगे। सिमडेगा विधायक को इससे पूर्व में भी काफी बार अपनी मांग पत्र सौंप चुके हैं। लेकिन आज तक एक भी मांग पूरा नहीं किया। झारखंड सरकार भी हमारे साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। जबकि घर बैठे महिलाओं को झारखंड सरकार 2500 दे रही है। बैठक में पांच मार्च को सामूहिक हड़ताल में रहते हुए डीसी, डीएएई से मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक में प्रखंड अध्यक्ष माइकेल खेश, आश्रिता केश, अनीता कुजूर, मेरखा बाड़ा, मैक्सिमा कुल्लू रेशमा केरकेट्टा,जोसिमा खालखो, पबरन तिर्की आदि उपस्थित थे।
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