
झारखंड बंद का जिले में दिखा आंशिक असर
खूंटी में सोमा मुंडा हत्याकांड के विरोध में आदिवासी संगठनों ने झारखंड बंद का आयोजन किया। बंद का आंशिक असर देखने को मिला, जहां रांची रूट की बसें बंद रहीं, लेकिन व्यवसायिक प्रतिष्ठान और सरकारी कार्यालय खुले रहे। प्रदर्शन में पूर्व विधायक बसंत लोंगा ने पुलिस से मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग की।
सिमडेगा, जिला प्रतिनिधि। खूंटी में हुए सोमा मुंडा हत्याकांड के विरोध में आदिवासी संगठनों के द्वारा बुलाए गए झारखंड बंद का जिले में आंशिक असर देखने को मिला। बंद के कारण रांची रूट की ओर जाने वाली सभी बसो का परिचालन बंद रहा। वहीं व्यवसायिक प्रतिष्ठान एवं सरकारी कार्यालय खुले रहे। सड़क में वाहनों का भी परिचालन समान्य रहा। बंद को लेकर जिले में कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है। इधर बंद को लेकर शनिवार की सुबह जिले के बानो प्रखंड और जिला मुख्यालय में बंद समर्थकों ने प्रदर्शन किया। बानो प्रखंड मुख्यालय में आदिवासी एकता मंच के द्वारा सोमा मुंडा की हत्या का विरोध करते हुए सड़क पर टायर जलाते हुए प्रदर्शन किया गया।
वहीं जिला मुख्यालय में समस्त आदिवासी संगठन के बैनर तले विरोध प्रदर्शन करते हुए झुलन सिंह चौक के समीप एनएच 143 को जाम किया गया। हांलाकि जाम की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी रोहित कुमार रजक घटनास्थल पहुंच कर बंद समर्थकों को समझाकर जाम हटवाया। इस क्रम में बंद समर्थकों ने पुलिस के समक्ष गिरफ्तारी भी दी। बंद समर्थकों में पूर्व विधायक बसंत लोंगा, पुष्पा कुल्लू, पतरस एक्का, प्रदीप टोप्पो, राकेश लकड़ा, शिशिर मिंज, पंकज टोप्पो, नीरज बड़ाईक, अजय एक्का, जतरु खडिया, सुमन कुल्लू सहित कई लोग शामिल थे। मुख्य साजिश कर्ताओं को गिरफ्तार करें पुलिस: लोंगा पूर्व विधायक बसंत लोंगा ने बंद का समर्थन करते हुए कहा कि कार्रवाई के नाम पर पुलिस खानापूर्ति कर रही है। उन्होंने कहा कि सोमा मुंडा हत्याकांड के मामले का गहन जांच करते हुए मुख्य साजिश कर्ता को गिरफ्तार कर मामले का उदभेदन करना होगा। पूर्व विधायक ने कहा कि जमीन माफियाओं की दादागिरी नहीं चलने दी जाएगी।

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