
सांस्कृतिक नृत्य गीत और रंगोली के साथ शुरू हुई झारखंड@25 के दूसरे दिन की शुरुआत
झारखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर 'झारखंड@25' उत्सव जारी रहा। अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने नृत्य और रंगोली प्रतियोगिता में झारखंड की परंपराओं को दर्शाया। बुजुर्गों ने भी उत्साह दिखाया, अपने अनुभव साझा किए और राज्य के इतिहास को याद किया।
सिमडेगा, जिला प्रतिनिधि। झारखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर 'झारखंड@25 थीम के तहत आयोजित उत्सव दुसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार की सुबह अल्बर्ट एक्का स्टेडियम के समीप कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक गीत और नृत्यों से हुई। पारंपरिक परिधानों में सजे कलाकारों के साथ डीसी कंचन सिंह ने भी नृत्य कर झारखंड की लोकसंस्कृति को जीवंत कर दिया। डीडीसी दीपांकर चौधरी भी अधिकारियों के साथ मांदर की थाप पर जमकर झूमे और अपनी खुशियां बांटी। मौके पर स्थानीय कलाकारों के द्वारा झुमर, राटा आदि नृत्य की प्रस्तुति कर समां बांध दिया गया था। इधर सांस्कृतिक कार्यक्रम में डीटीओ संजय कुमार बाखला भी खुद को रोक नहीं पाए और अखरा में उतर कर मांदर बजाने लगे।
डीटीओ के मांदर के थाप पर उपस्थित लोग झूम उठे थे। मौके पर एसडीओ प्रभात रंजन ज्ञानी, डीसीएलआर अरुणा कुमारी, डीएसओ, डीएएलओ रवि किशोर राम, एनडीसी समीर रनियर खलखो, जिला नियोजन पदाधिकारी आशा मक्सिका लकड़ा, डीएसओ मनोज कुमार, डीपीआरओ पलटू महतो, नप प्रशासक अरविंद तिर्की, उपनिर्वाची पदाधिकारी पवन कुमार, डीएमओ महेंद्र कुमार, सीओ मो इम्तियाज अहमद आदि उपस्थित थे। रंगोली में दिखी जिले की प्रतिभा इधर स्कूल के छात्रो, शहर की महिलाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों ने रंगोली प्रतियोगिता में झारखंड की समृद्ध परंपराओं को रंगों के माध्यम से दर्शाया। हर रंगोली झारखंड की धरती की आत्मा और उसकी सामाजिक विविधता का प्रतीक बनी। पूरा आयोजन डीसी कंचन सिंह के नेतृत्व में संपन्न हो रहा था। डीसी ने घुम घुमकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि झारखंड की यह सांस्कृतिक धरोहर हमारी पहचान है, और इस उत्सव के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इधर रंगोली प्रतियोगिता में दो ग्रुप बनाकर विजेता प्रतिभागियों का चयन किया गया। पहले ग्रूप में स्कूल के छात्र छात्राओं को रखा गया एवं दुसरे ग्रुप में अन्य प्रतिभागियों को रखा गया। सिर्फ युवा नहीं बुजुर्गो में भी दिखा उत्साह झारखंड @25 के तहत राज्य की स्थापना दिवस मनाने में बुधवार को सिर्फ युवा नहीं बुजुर्गो में भी उत्साह देखा गया। रंगोली प्रतियोगिता में जिले के पेंशनर समाज के सेवानिवृत शिक्षक एवं कर्मी भी शामिल हुए और अपने अनुभव को रंगों के माध्यम से उकेरा। पेंशनरो ने अपनी रंगोली के माध्यम से उपस्थित लोगों को राज्य के इतिहास की जानकारी देते हुए संघर्षो को याद दिलाया। पेंशनरो ने कहा कि जब झारखंड राज्य अलग हुआ था तो वे लोग युवा के रुप में इस नए राज्य को सवांरने का काम किया था अब जब राज्य 25 वर्ष का हो चुका है तो इसे और बेहतर तरीके से सजाने और संवारने की जिम्मेवारी आज के युवाओं की है।

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