
रामरेखा महोत्सव : अध्यात्म, श्रद्धा, संस्कृति और इतिहास का दिखा संगम
संक्षेप: सिमडेगा में श्रीरामरेखा धाम में प्रथम राजकीय रामरेखा महोत्सव का उद्घाटन धाम के अध्यक्ष, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भक्ति गीतों का आयोजन हुआ। विधायक ने कहा कि यह निर्णय झारखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करेगा।
सिमडेगा, प्रतिनिधि। श्रीरामरेखा धाम में मंगलवार की देर शाम प्रथम राजकीय रामरेखा महोत्सव का भव्य तरीके से उद्घाटन किया गया। राजकीय महोत्सव का उद्घाटन धाम के अध्यक्ष अखंड दास जी महाराज, विधायक भूषण बाड़ा, विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, डीसी कंचन सिंह, एसपी एम अर्शी ने संयुक्त रुप से दीप जलाकर किया। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत जिला प्रशासन के द्वारा शॉल देकर एवं मोमेंटो देकर किया गया। इसके बाद रामरेखा महोत्सव को लेकर प्रकाशित स्मारिका का भी विमोचन किया गया। मौके पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सरायकेला से आए छऊ नृत्य दल की प्रस्तुति को काफी सराहना मिली।

वहीं स्थानीय नागपुरी कलाकारों की टीम के द्वारा भी शानदार प्रस्तुति दी गई। इसके बाद देर शाम इंडियन आईडियल शालिनी दुबे और पूजा चटर्जी के द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों की प्रस्तुती की गई। उनके द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों से धाम पहुंचे श्रद्धालु भी भगवान श्रीराम की भक्ति में पुरी तरह रम गए। बताया गया कि बुधवार को कार्यक्रम के दूसरे दिन शाम पांच बजे से प्रसिद्ध हास्य कवि रविन्द्र जोनी द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद चांवर पाईका नृत्य, नागपुरी कलाकार जगदीश बड़ाईक के द्वारा लोकगीत की प्रस्तुती की जाएगी। वहीं शाम सात बजे से राधा श्रीवास्तव एवं भजन सम्राट शहनाज अख्तर द्वारा संगीत की प्रस्तुति की जाएगी। उद्घाटन कार्यक्रम में पूर्व सांसद सुदर्शन भगत, पूर्व डीसी विजय कुमार सिंह सहित जिले के कई जनप्रतिनिधि, सभी अधिकारी, कई गणमान्य व्यक्ति एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। मौके पर विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि रामरेखा धाम को राजकीय महोत्सव का दर्जा देकर महागठबंधन की सरकार ने एक ऐतिहासिक और जनभावनाओं से जुड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम न सिर्फ धार्मिक आस्था का सम्मान है, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने वाला भी है। सरकार ने रामरेखा धाम को राजकिय महोत्सव का दर्जा देकर सिमडेगा की इस पवित्र भूमि को राज्य की धार्मिक धरोहर के रूप में सम्मान दिया। विधायक ने कहा कि रामरेखा धाम झारखंड के जन-जन की आस्था का केंद्र रहा है। यह वह भूमि है जहां से भाईचारे, सद्भावना और एकता का संदेश मिलता है। राज्य सरकार द्वारा इसे राजकीय महोत्सव का दर्जा देने से यहां पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। विधायक ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हम सब मिलकर यह प्रण लें कि हम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारेंगे। सत्य, साहस और सेवा के पथ पर चलेंगे और सिमडेगा को रामराज्य बनाने में हम सब अपना बहुमूल्य योगदान देंगे। विधायक ने कहा कि आने वाले समय में सरकार ऐसे और भी कदम उठाएगी। जिससे झारखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को नई पहचान मिले। आस्था भी बढ़े और अर्थव्यवस्था भी फले-फूले यही सरकार का लक्ष्य: कोंगाड़ी विधायक विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि आज का दिन इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। विधायक ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्री रामरेखा धाम अब झारखंड के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल होगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार, व्यवसाय और आर्थिक विकास के नए अवसर मिलेंगे। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि आस्था भी बढ़े और अर्थव्यवस्था भी फले-फूले। विधायक ने कहा कि भक्तों की सेवा ही भगवान की सच्ची पूजा है। इसलिए धाम में आने वाले किसी भी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा होने नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सिमडेगा जिले की मिट्टी की खुशबू, यहां के लोगों की संस्कृति और परंपरा को संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जाति, धर्म, ऊँच-नीच की भावना से ऊपर उठकर काम कर रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे रामरेखा धाम महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और राज्य की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएं।

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