गैस लेने पहुंचने पर ही पता चलता है ई-केवाईसी कराने की जानकारी
सिमडेगा, प्रतिनिधि। एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित है। लेकिन जिले में बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है। गैस सिलेंडर भरवाने के लिए एजेंसी पहुंचने पर उन्हें बताया जा रहा है कि पहले ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है।

सिमडेगा, प्रतिनिधि। एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित है। अब केवल छह दिन शेष हैं। लेकिन जिले में बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है। गैस सिलेंडर भरवाने के लिए एजेंसी पहुंचने पर उन्हें बताया जा रहा है कि पहले ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। तभी गैस मिलेगी और सब्सिडी का लाभ भी जारी रहेगा।
समस्या का विवरण
हिन्दुस्तान की पड़ताल में सामने आया कि अनीता गैस गोदाम इन दिनों दोपहर करीब दो बजे के बाद खुल रहा है। ऐसे में उपभोक्ता जब गोदाम गैस सिलेंडर लेने पहुंचते हैं तो उन्हें ई-केवाईसी कराने की जानकारी तो दी जाती है, लेकिन वहीं इसकी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। उपभोक्ताओं को तसर सेंटर रोड स्थित एजेंसी के कार्यालय में भेज दिया जाता है। जबकि यह कार्यालय दोपहर ढाई बजे के बाद बंद हो जाता है। परिणामस्वरूप दूर-दराज से आए लोगों को बिना गैस लिए वापस लौटना पड़ रहा है और अगले दिन फिर कार्यालय तथा एजेंसी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि पहले से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाता और गैस गोदाम में ही ई-केवाईसी की व्यवस्था रहती तो उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि गैस बुकिंग होने के बाद भी एजेंसी संचालकों द्वारा डीएसी नंबर भेजने में आनाकानी करते हैं। जबकि अपने करीबी लोगों का बुकिंग के बाद डीएसी नंबर भेज दिया जाता है। इधर कई एजेंसी संचालकों को यह भी जानकारी नहीं है कि उनके अधीन कितने उज्जवला योजना के लाभुक हैं और कितना का ई केवाईसी करना बाकी है।
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