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गर्मी की तपिश के साथ गहराया पेयजल संकट

गर्मी की जैसे जैसे तपिश बढ़ रही है पेयजल समस्‍या भी गंभीर होती जा रही है। विभाग की लापरवाही से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्‍या गंभीर हो रही...

गर्मी की तपिश के साथ गहराया पेयजल संकट
हिन्दुस्तान टीम,सिमडेगाMon, 27 May 2024 09:15 PM
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सिमडेगा, प्रतिनिधि।
गर्मी की जैसे जैसे तपिश बढ़ रही है पेयजल समस्‍या भी गंभीर होती जा रही है। विभाग की लापरवाही से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्‍या गंभीर हो रही है। ग्रामीण इलाकों में लगे चापाकल जवाब देने लगे हैं। चापाकलों में लगाए गए जल मीनार की तो स्थिति और भी गंभीर है। चापाकलों एवं जल मीनारों के खराब होने से ग्रामीणों को पानी के लिए दो चार होना पड़ रहा है। ग्रामीण पानी के लिए सुबह से ही इधर उधर भटकने लगे हैं। खराब चापाकलों की प्रखंडवार बात करें तो हर प्रखंड में 20 से 25 चापाकल खराब पड़े हैं। हालांकि खराब चापाकलों की शिकायत मिलते ही दुरुस्‍त कराने के लिए हर प्रखंड में एक एक गाड़ी विभाग द्वारा लगाई गई है। विभाग द्वारा सरकार से 3200 चापाकलों की मरम्‍मति के लिए राशि मांगा गया है। इधर प्रखंडों में चापाकलों का वाटर लेबल भी नीचे जा रहा है। जहां पहले ग्रामीण इलाकों में वाटर लेबल 30 से 40 फीट था। वहीं अब 50 से 60 फीट तक पहुंच गया है। पेयजल संकट सबसे ज्‍यादा बानो प्रखंड में गहरा गया है। वहीं शहर का वार्ड 15 स्थित ईदगाह मुहल्‍ला में भी पेयजल की गंभीर समस्‍या बनी हुई है। कोलेबिरा के लरबा सड़क टोली निवासी सुनील खडि़या ने कहा कि गांव में घर घर नल जल योजना के तहत 4 महीने पूर्व सोलर जलमीनार लगाई गई थी। जो विगत एक सप्ताह से खराब है। इस सोलर संचालित जल मीनार से लगभग 21 परिवारों को पेयजल कनेक्शन दिया गया है। जलमीनार खराब होने से तपती गर्मी में पेयजल के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टोला में मात्र एक चापाकल है। इस चापाकल से संचालित जलमीनार लगाई गई है।

हर प्रखंड में चापाकल मरम्‍मत के लिए तैनात है एक एक वाहन

विभाग के जेई सोमा उरांव ने कहा कि खराब पड़े चापाकलों को शिकायत मिलते ही दुरुस्‍त किया जा रहा है। हर प्रखंड में खराब चापाकलों को समय मरम्‍मत करवाने के लिए एक एक वाहन तैनात किया गया है। उन्‍होंने कहा कि खराब चापाकलों को 72 घंटे के अंदर दुरुस्‍त करने का निर्देश दिया गया है।

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