मनरेगा में गड़बड़ी करने के आरोप में दो कर्मियों की सेवा हुई बर्खास्त
सिमडेगा में जिला प्रशासन ने मनरेगा में गड़बड़ी की शिकायत पर बीपीओ चारु प्रसाद मांझी और रोजगार सेवक केदार नाग की सेवा समाप्त कर दी। जांच में भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया गया। इस कार्रवाई के बाद पंचायत के लोगों में खुशी का माहौल है।

सिमडेगा, जिला प्रतिनिधि। भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है। मनरेगा में गड़बड़ी और अनियमतितता बरते जाने की शिकायत पर जांच के बाद डीसी कंचन सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। डीसी ने बानो प्रखंड के गेनमेर पंचायत के बीपीओ चारु प्रसाद मांझी और रोजगार सेवक केदार नाग की सेवा समाप्त कर दी है। डीसी ने भ्रष्टाचार पर जीरो टेरोलेंस का उदाहरण प्रस्तुत किया है। बताया गया कि पंचायत के ग्रामीणों ने बीपीओ एवं रोजगार सेवक पर गड़बड़ी की शिकायत की थी। प्रशासन के द्वारा जांच में शिकायत सही पाया गया। जांच रिपोर्ट में मनरेगा कर्मियों के द्वारा बिचौलियों के माध्यम से काम करवाने, फर्जी जॉब कार्ड बनाने के मामले की भी पुष्टि की गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन के द्वारा बीपीओ चारु प्रसाद मांझी और रोजगार सेवक केदार नाग से स्पष्टीकरण पुछा गया एवं स्पष्टीकरण को भी असंतोषजनक पाया गया। इसके बाद डीसी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से दोनों मनरेगा कर्मियों की संविदा को रद्द करते हुए उन्हें सेवा मुक्त कर दिया। इधर जिला प्रशासन के कार्रवाई के बाद पंचायत के लोगों में खुशी देखी जा रही है। -

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