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19 जनवरी, 2021|1:13|IST

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झरनों व तालाबों से परिपूर्ण है भंवरपहाड़ गढ़

झरनों व तालाबों से परिपूर्ण है भंवरपहाड़ गढ़

कोलेबिरा, रेंगारिह प्रतिनिधि

कुछ खट्टी कुछ मिठी, कुछ अच्छी व कुछ बुरी यादों के साथ वर्ष 2020 अब हमारी जिन्दगी से विदा होने वाला है। विदाई के साथ आने वाले साल 2021 के स्‍वागत की तैयारी का भी है और जिले के पहाडों और नदी व जंगलों से भरी मन लुभाती मनोरम दृश्य डैम और जंगल नये वर्ष मनाने वालों के लिए पुरी तरह तैयार होकर पर्यटकों को अपनी ओर बांहे फैलाकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। इन सब से भी हटकर प्रखंड में स्थित पहाड़ों से घिरे झरनों व तालाबों से परिपूर्ण कोलेबिरा का भंवरपहाड़ गढ़ है। भंवरपहाड़ गढ़ नए वर्ष के स्‍वागत के लिए सैलानियों को अपनी ओर बाहें फैलाए आकर्षित कर रही है। यहां पर अजुबा की तरह पहाड़ के बीचो बीच एक तालाब है, जो कभी नहीं सुखता है। उक्‍त तालाब में सफेद कमल के फुल खिलते हैं, जो और भी शोभनीय है। यहां पर एक मंदिर है, जो ताजमहल की याद दिलाता है। पहाड़ के उपर में लोगों ने घर बनाकर जीवन यापन कर रहे हैं। जो पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करती है।

पैदल भी पहुंचा जा सकता है भंवर पहाड़गढ़:

प्रखंड मुख्‍यालय से महज तीन किमी होने के कारण यहां बाईक, टेम्‍पू अथवा पैदल भी पहुंचा जा सकता हैं। जहां पहुंचकर लोग नए साल का सेलेब्रेट कर सकते हैं। लोग सुबह सात बजे जाकर शाम पांच बजे लौट सकते है।

लंबा पु‍ल बीच मनमोहक प्राकृतिक नजारा देखना है तो बुद्धाधार आईये

नए साल के स्वागत के लिए जिले के पर्यटक स्थल बुद्धाधार में मनमोहक प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों की प्रतीक्षा में है। यहां भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। प्राकृतिक की खूबसूरत नजारा लोगों को अपनी ओर खींचता है। जिला मुख्यालय से बुद्धाधार की दूरी महज 24 किमी. होगी। बस पड़ाव पहुंचकर लोग बस, ऑटो अथवा बाईक से रेंगारी होते हुए बुद्धाधार पहुंच सकते हैं। बुद्धाधार गरजा होते हुए अथवा कोनमेंजरा होते हुए पहुंचा जा सकता है।

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  • Web Title:Bhanwarpahar fort is full of waterfalls and ponds