*टेंटोपोसी पंचायत में गहराया पेयजल संकट: ग्रामीण जलापुर्ती योजना के दावे हवा-हवाई, ग्रामीण तालाबों के भरोसे*
----गर्मी की शुरुआत के साथ ही पंचायत के कई गांवों में हाहाकारटेंटोपोसी पंचायत में गहराया पेयजल संकट: ग्रामीण जलापुर्ती योजना के दावे हवा-हवाई, ग्रामीण

*रंजीत कुमार पति* सरायकेला । "हर घर नल से जल" का नारा टेंटोपोसी पंचायत में एक क्रूर मजाक बनकर रह गया है। भीषण गर्मी की शुरुआत होते ही यहां की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है, जबकि सरकारी कागजों में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए। पाइपलाइन आधी बिछी है, नल सूखे हैं और सिस्टम पूरी तरह से कोमा में है। सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रामीण जलापूर्ति योजना टेंटोपोसी पंचायत में दम तोड़ती नजर आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पाइपलाइन तो बिछाई गई, लेकिन वह भी आधी-अधूरी है। कई टोलों तक अभी तक पाइप नहीं पहुंचे हैं, जिससे नल से जल का सपना अधूरा बना हुआ है।
जहां पाइपलाइन बिछी भी है, वहां पानी का प्रेशर इतना कम है कि बाल्टी भरने में घंटों लग जाते हैं । टेंटोपोसी पंचायत गम्हरिया प्रखंड के अंर्तगत आता है। यहा कुल 9 गांव और 1359 घर हैं। गांव की आबादी 6492 लोगों की है। ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत पंचायत भवन के सामने पेयजल एंव स्वछता प्रमंडल सरायकेला द्वारा जल शोध संयंत्र एवं जलमीनार का निर्माण 2019 में कराया गया, जिसमें शुरुआती चरण में 3.5 मेगा लाख लीटर पानी को स्टोर कर सीधे पाईपलाईन के जरिये टेंटोपोसी के 9 गांव के अलावे चमारु पंचायत को भी जल पहुंचाना था। बाद में 2022 में इसे 4.5 लाख लीटर और बढाया गया। यानी टंकी की क्षमता कुल 8 लाख लीटर पानी की है, लेकिन पूरे गांव में पाइप लाईन नहीं बिछाई गई। आधा-अधुरा पाइप बिछाकर फाइलों में इसे पूरा दिखा दिया गया। दिन भर में मात्र एक बार आपूर्ति भीषण गर्मी ने अभी दस्तक ही दी है, लेकिन टेंटोपोसी में पानी के लिए लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई हैं। विभाग द्वारा दिन भर में केवल एक बार पानी छोड़ा जाता है, जो पूरी आबादी के लिए नाकाफी है। कामकाजी पुरुषों और महिलाओं को काम छोड़कर पानी के जुगाड़ में जुटना पड़ रहा है। तालाब बना सहारा, लेकिन संक्रमण का खतरा जब नलों से पानी नहीं आता, तो ग्रामीणों के पास केवल एक ही विकल्प बचता है- स्थानीय तालाब। यहां दो बडे तालाब हैं जिसपर ग्रामीण निर्भर हैं। ग्रामीण बताते हैं कि वे उसी तालाब के पानी से नहाने, कपड़े धोने और यहां तक कि उसे पीने के लिए इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। दूषित जल के कारण बच्चों और बुजुर्गों में पेट की बीमारियों और त्वचा संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। क्या कहते है ग्रामीण "हमने कई बार विभाग को लिखित शिकायत दी, लेकिन ठेकेदार और अधिकारी मौन हैं। अगर गर्मी बढ़ने से पहले व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो हमें मजबूरन आंदोलन करना होगा।" ---- चुड़ामनी सोरेन, मुखिया, टेंटोपोसी पंचायत “गांव में पाइपलाइन का काम अधूरा छोड़ दिया गया है। कहीं पाइप बिछे हैं तो नल नहीं, और कहीं नल हैं तो पानी का पता नहीं। जल जीवन मिशन डैशबोर्ड पर भले ही आंकड़े कुछ भी कहें, धरातल पर स्थिति भयावह है” ------ रामचंद्र महांती, ग्राम प्रधान, टेंटोपोसी पूरे दिन में मात्र एक बार पानी छोड़ा जाता है, जिससे पूरी आबादी की जरूरत पूरी नहीं हो पाती। अगर जल्द ही जलापूर्ति सुचारू नहीं हुई और अधूरी पाइपलाइन को पूरा नहीं किया गया, तो हम विभाग का घेराव करेंगे। -----फोरमेन सोरेन, पुर्व मुखिया, टेंटोपोसी यहां पर पानी की बडी दिक्कत है, गर्मी में तालाब सूख जाते हैं, पास में नदी है लेकिन गर्मी में जलस्तर काफी स्तर तक सुख जाता है, नहाने धोने में काफी दिक्कत होती है। ----- अजय कुमार महतो, ग्रामीण एकमात्र चापाकल से बर्तन धोने के लिए पानी लाना पडता है, पानी एक बार छोडा जाता है, जो नाकाफी है। नहाने के लिए लोग तालाब का उपयोग करते हैं। ------ रानीबाला महतो, गृहणी, टेंटोपोसी दो टाइम पानी छोडना चाहिए तथा अधूरी पाइपलाईन को पूरा करना चाहिए नहीं तो गर्मी में बहुत दिक्कत हो जाएगी। बडा तालाब का पानी भी सूखकर आधा हो जाता है। ----- भारती महतो, गृहणी, टेंटोपोसी एक नजर में टेंटोपोसी पंचायत* 1) आंवलाटांड - 91 घर, 393 जनसंख्या 2) बेगनाडीह -101 घर, 496 जनसंख्या 3) दुबराजपुर- 165 घर, 796 जनसंख्या 4) गोइरा -248 घर, 1172 जनसंख्या 5) हिदीबिली - 156 घर, 795 जनसंख्या 6) सिंधुकोपा - 182 घर, 863 जनसंख्या 7) टेंटोपोसी- 285 घर, 1373 जनसंख्या 8) टिनिंगटिपा- 106 घर, 487 जनसंख्या 9) उगमा- 25 घर, 117 जनसंख्या
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