Saraikela News: राजनगर में वैज्ञानिक तसर कीट पालन एवं विसंक्रमण का प्रायोगिक प्रदर्शन
Saraikela News: खरसावां में एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 35 किसानों ने तसर कीट पालन की आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। वैज्ञानिकों ने फसल प्रबंधन, कीटों के नियंत्रण और कोकून उत्पादन के बेहतर परिणाम के लिए वैज्ञानिक तरीकों पर जोर दिया। कार्यक्रम को किसानों के लिए बेहद उपयोगी माना गया।

Saraikela News: खरसावां। राजनगर प्रखंड स्थित ब्लॉक प्लांटेशन में रेशम कीट पालन प्रबंधन एवं खेतों के विसंक्रमण (डिसइन्फेक्शन) को लेकर एक दिवसीय व्यावहारिक प्रक्षेत्र प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पायलट प्रोजेक्ट सेंटर (पीपीसी) खरसावां एवं सीएसबी, बीएसएमटीसी खरसावां के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। जिसमें बुरुडीह गांव के 35 किसानों ने भाग लेकर आधुनिक तसर कीटपालन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में पायलट प्रोजेक्ट ऑफिसर नीतीश कुमार ने किसानों को खेत की वैज्ञानिक तैयारी, वृक्षों की छंटाई, डीएफएल के स्थानांतरण, ब्रशिंग के उचित समय, कोकून की कटाई की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए जानकारी दी। उन्होंने तसर रेशम कीट के विभिन्न विकास चरणों, रोग एवं कीटों की पहचान, पीपीसी की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली संस्थागत सहायता जैसे चूना, ब्लीचिंग पाउडर, जीवन सुधा एवं एलएसएम के उपयोग से भी किसानों को अवगत कराया।
वहीं सीएसबी-बीएसएमटीसी खरसावां के वैज्ञानिक बी डुकरे प्रदीप गुलाब राव ने तसर कीटों की देखभाल, रोग एवं कीट प्रबंधन, खेतों में रोग जनकों के नियंत्रण के लिए जीवन सुधा एवं एलएसएम जैसे विसंक्रामकों के सही उपयोग और छिड़काव की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक विधि का प्रदर्शन किया। किसानों को बताया गया कि समय पर वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाने से फसल नुकसान को कम कर बेहतर गुणवत्ता के कोकून उत्पादन की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। कार्यक्रम को किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए वैज्ञानिकों ने वैज्ञानिक पद्धति से तसर कीट पालन अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर वैज्ञानिक बी डुकरे प्रदीप गुलाब राव, पीपीओ नीतीश कुमार, दो पीजीडीएस छात्र, पीपीसी खरसावां की तकनीकी टीम सहित बुरुडीह गांव के 35 किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम को किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए वैज्ञानिकों ने वैज्ञानिक पद्धति से तसर कीटपालन अपनाने पर विशेष जोर दिया।


