Saraikela News: प्रतिनियुक्ति रद्द नहीं होने पर स्कूल बंद करने की चेतावनी, डीसी से मिले ग्रामीण
Saraikela News: सरायकेला के बड़ाबाम्बो प्रोजेक्ट प्लस टू हाईस्कूल से दो शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर ग्रामीण और छात्रों ने विरोध किया। उन्होंने डीसी से मिलकर ज्ञापन देकर दोनों शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति रद्द करने की मांग की। सैकड़ों ग्रामीण और छात्रों ने एकजुट होकर बैठक में यह स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे स्कूल में तालाबंदी करेंगे।

Saraikela News: सरायकेला। बड़ाबाम्बो प्रोजेक्ट प्लस टू हाईस्कूल से दो शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में प्रतिनियोजित किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। डीईओ के फैसले के खिलाफ अब ग्रामीण और छात्र पूरी तरह लामबंद हो गए हैं। सोमवार को ग्रामीण और छात्र डीसी नीतीश कुमार सिंह से मिलने पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर दोनों शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को रद्द करने की मांग की। इस ज्ञापन की एक प्रति डीईओ को भी सौंपी गई है। मामले को लेकर बीते 10 अगस्त को ग्रामीणों ने बैठक बुलाई थी। सर्वसम्मति से डीईओ के इस फैसले पर सवाल उठाए गए और दोनों शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति रद्द करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने प्रशासन को साफ संकेत दिया कि यदि दोनों शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति रद्द नहीं की गई तो ग्रामीण एकजुट होकर स्कूल में तालाबंदी कर देंगे। विरोध बैठक में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों की एकता
इनमें ग्राम प्रधान देवेशचंद्र महतो, लक्ष्मण महतो, मुखिया सोनामनी पूर्ति (जोरडीह पंचायत), वार्ड सदस्य मुकेश महतो, तुराम पूर्ति, मिनाती केराई पूर्ति, आशा पूर्ति, चंद्रमोहन तांती, हिरी मुंडरी, गीता मुंडरी, डिबरु माझी, बेला माझी, रामलाल कुंटिया, श्वेता मुंडरी, चंदन मुंडरी सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और छात्र शामिल थे।
शिक्षकों की भूमिका
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि अंग्रेजी के शिक्षक रंजीत कुमार पुथाल के नेतृत्व में विद्यालय सुचारु रूप से चल रहा था। उनके पदस्थापन के बाद से विद्यालय की व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। उल्लेखनीय है कि डीईओ ने गत 7 अगस्त को आदेश जारी किया था। इसके तहत बड़ाबाम्बो प्रोजेक्ट हाईस्कूल में पदस्थापित अंग्रेजी विषय के शिक्षक रंजीत कुमार पुथाल का तबादला अपग्रेड प्लस टू ईचाडीह कुकड़ू में कर दिया गया। वहीं, इतिहास और नागरिक शास्त्र के शिक्षक अरुण कुमार को हाईस्कूल मेरोमजंगा कुचाई में प्रतिनियोजित कर दिया गया। बीच सत्र में शिक्षकों को हटाए जाने से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित है.


