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1 अप्रैल, 2020|2:11|IST

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सरायकेला में मिली चमकी बुखार से पीड़ित संदिग्ध बच्ची

जिले के सरायकेला में चमकी बुखार से पीड़ित संदिग्ध बच्ची मिली है। सोमवार सुबह सदर अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद उसे जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

ईटाकुदर की है रहनेवाली : सरायकेला प्रखंड की ईटाकुदर पंचायत के बुंडू गांव के नकुल जामुदा की तीन वर्षीय पुत्री पूजा जामुदा को परिजनों ने सुबह सदर अस्पताल में भर्ती किया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद एमजीएम रेफर कर दिया।

बच्ची के शरीर में थी ऐंठन : सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ़ बरीयल मार्डी ने कहा कि बच्ची के शरीर में ऐंठन थी, जो अस्पताल में इस तरह का पहला मरीज है। डॉ मार्डी ने कहा कि एनसिफेलाइटिस के दौरान मरीज का एमआरआई या सीटी स्कैन कर जांच की जाती है। मरीज की रीढ़ की हड्डी से पानी निकाल कर एनसिफेलाइटिस के मामलों में लंबर पंक्चर यानी रीढ़ की हड्डी से पानी का सैंपल लेकर जांच की जाती है।

क्या है चमकी बुखार : डॉ मार्डी ने कहा कि एक्यूट एनसिफेलाइटिस सिंड्रोम को स्थानीय भाषा में चमकी बुखार कहते हैं। इसमें रोगी का शरीर अचानक सख्त हो जाता है और मस्तिष्क व शरीर में ऐंठन शुरू हो जाती है। यह एक संक्रामक बीमारी है। इस बीमारी के वायरस शरीर में पहुंचते ही खून में शामिल होकर अपना प्रजनन शुरू कर देते हैं। ये वायरस खून के साथ मस्तिष्क में पहुंच कोशिकाओं में सूजन पैदा कर देते हैं, जिसकी वजह से शरीर का सेंट्रल नर्वस सिस्टम खराब हो जाता है।

चमकी बुखार के लक्षण : चमकी बुखार में बच्चे को लगातार तेज बुखार रहता है। बदन में ऐंठन होती है और कमजोरी की वजह से बच्चा बार बार बेहोश होता है। यहां तक कि शरीर भी सुन्न हो जाता है और उसे झटके लगते रहते हैं।

बचाव के उपाय : डॉ मार्डी ने बताया कि चमकी बुखार से बचाव के लिए बच्चों को आइसोलेटेड रखना है। बच्चे को तेज बुखार आने पर उसके शरीर को गीले कपड़े से पोछते रहें। बुखार की स्थिति में बच्चे के शरीर से कपड़े उतारकर उसे हल्के कपड़े पहनाएं और गर्दन सीधी रखें।

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  • Web Title:Suspected baby girl suffering from spinal fever in Sarayakela