सरायकेला पोस्ट ऑफिस में मनमानी: ₹20 हजार से कम की आरडी क्लोज कराने पर भी जबरन बचत खाता खोलने का दबाव,उपभोक्ता परेशान
सरायकेला: सरायकेला मुख्य डाकघर में आरडी (रेकरिंग डिपॉजिट) खातों के भुगतान को लेकर उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ ग्राहकों का कहना है कि आरडी बंद कर राशि निकालने के लिए उनसे नया बचत खाता खोलने का दबाव बनाया जा रहा है। सरायकेला निवासी रणजीत कुमार और तृप्ती रानी ने आरोप लगाया कि वे अपनी आरडी की परिपक्व राशि प्राप्त करने के लिए पोस्ट ऑफिस पहुंचे थे। उनके अनुसार, संबंधित कर्मचारी ने उन्हें पहले नया बचत खाता खोलने की सलाह दी और बिना खाता खोले भुगतान करने से इनकार कर दिया। इसके कारण उन्हें बिना राशि प्राप्त किए वापस लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, यदि आरडी खाते की परिपक्व राशि 20 हजार रुपये से कम है, तो नियमानुसार भुगतान के लिए नया बचत खाता खोलना अनिवार्य नहीं होता। उपभोक्ता निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीधे भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।

सरायकेला: सरायकेला मुख्य डाकघर में आरडी (रेकरिंग डिपॉजिट) खातों के भुगतान को लेकर उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ ग्राहकों का कहना है कि आरडी बंद कर राशि निकालने के लिए उनसे नया बचत खाता खोलने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि विभागीय नियमों में ऐसी कोई अनिवार्यता नहीं है।
उपभोक्ताओं का आरोप
सरायकेला निवासी रणजीत कुमार और तृप्ती रानी ने आरोप लगाया कि वे अपनी आरडी की परिपक्व राशि प्राप्त करने के लिए पोस्ट ऑफिस पहुंचे थे। उनके अनुसार, संबंधित कर्मचारी ने उन्हें पहले नया बचत खाता खोलने की सलाह दी और बिना खाता खोले भुगतान करने से इनकार कर दिया। इसके कारण उन्हें बिना राशि प्राप्त किए वापस लौटना पड़ा।
नये खाते की जरुरतता
जानकारी के अनुसार, यदि आरडी खाते की परिपक्व राशि 20 हजार रुपये से कम है, तो नियमानुसार भुगतान के लिए नया बचत खाता खोलना अनिवार्य नहीं होता। उपभोक्ता निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीधे भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।
पोस्ट मास्टर ने दी सफाई
पोस्ट मास्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि विभागीय नियमों के अनुसार 20 हजार रुपये से कम राशि वाली आरडी के भुगतान के लिए नया बचत खाता खोलना आवश्यक नहीं है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को नियमानुसार भुगतान किया जाना चाहिए।
जांच और कार्रवाई की मांग
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय उपभोक्ताओं ने डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इसकी जांच कराने और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को अनावश्यक प्रक्रियाओं में उलझाने से बचाया जाना चाहिए।फिलहाल, मामले को लेकर संबंधित कर्मचारी का पक्ष सामने नहीं आया है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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