
विधायक ने विस में उठाया धीमी गति से चल रहे सीएचसी निर्माण कार्य का मुद्दा
खरसावां के विधायक दशरथ गागराई ने झारखंड विधानसभा में धीमी गति से चल रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य का मुद्दा उठाया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया। विधायक ने मांग की कि निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए।
विधायक ने विस में उठाया धीमी गति से चल रहे सीएचसी निर्माण कार्य का मुद्दा विधायक ने विस में उठाया धीमी गति से चल रहे सीएचसी निर्माण कार्य का मुद्दा -शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सरकार के समक्ष उठाया खरसावां, संवाददाता। झारखंड विधानसभा के शून्यकाल और तारांकित प्रश्नकाल में विधायक दशरथ गागराई ने धीमी गति से चल रहे नए सामुदायिक स्वास्थ्य निर्माण कार्य, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुदों को सरकार के समक्ष उठाया। शून्यकाल में विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन खरसावां का निर्माण बहुत ही धीमी गति से चल रहा है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में स्वीकृत योजना को अबतक पूर्ण हो जाना था। लेकिन 50 फीसदी भौतिक लक्ष्य भी अबतक हासिल नहीं किया जा सका है। विधायक ने सदन के माध्यम से सरकार से यह मांग किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरसावां के लिए बन रहे नए भवन निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराया जाए। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा विभाग से सवाल पूछा कि जिले के उत्क्रमित उच्च विद्यालय मेरोमजंगा में केवल एक ही शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत है और छात्रों की संख्या 100 से अधिक है। विधायक ने कहा कि कई विद्यालयों में छात्रों की तुलना में शिक्षकों की संख्या बेहद कम है। जिससे पढ़ाई-लिखाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सरकार ने स्वीकार किया कि कई विद्यालयों में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं और विभागीय स्तर पर प्रतिनियुक्ति के माध्यम से शिक्षकों की तैनाती की जा रही है। विधायक ने पूछा कि मेरोमजंगा उच्च विद्यालय में प्रतिनियुक्त शिक्षकों की बहाली कब तक पूर्ण होगी। जवाब में शिक्षा विभाग ने बताया कि डीईओ की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर शिक्षक सेनोका राउत और सुनीता माडी का प्रतिनियोजन समाप्त कर मूल उत्क्रमित उच्च विद्यालय मेरोमजंगा कुचाई में योगदान देने का निर्देश दिया गया। वर्तमान में दो महिला शिक्षक और एक प्रतिनियोजित शिक्षक कार्यरत हैं। स्वास्थ्य विभाग से पूछे गए सवाल में विधायक ने पूछा कि क्या राज्य के अस्पतालों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के अंतर्गत संविदा के आधार पर 400 एएनएम कार्यरत हैं। एएनएम का अनुबंध 10 वर्ष से अधिक हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने तथ्य को स्वीकार करते हुए कहा कि 3216 एएनएम 10 वर्ष से कार्यरत हैं। जिनमें से 1437 एएनएम का कार्यकाल 10 वर्ष हो चुका है। विधायक ने पूछा कि इतनी लंबी सेवा के बाद भी एएनएम को सेवा नियमितीकरण का लाभ क्यों नहीं दिया गया। जवाब में विभाग ने कहा कि नियमितीकरण नीति निर्धारण से संबंधित है। भारत सरकार की ओर से इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है। फोटो संख्या : 03, निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फोटो संख्या : 04, खरसावां विधायक दशरथ गागराई

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