जिले में मनरेगा कर्मियों की 3 दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू, ग्रामीण विकास कार्य ठप
जिले में मनरेगा कर्मियों की 3 दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू, ग्रामीण विकास कार्य ठप

सरायकेला, संवाददाता। अपनी लंबित मांगों और मानदेय भुगतान को लेकर जिले के मनरेगा कर्मी सोमवार से तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर चले गए। इसके साथ ही जिले के विभिन्न प्रखंडों में मनरेगा के अंतर्गत चल रही योजनाएं और काम-काज ठप हो गया।कर्मी नियमितीकरण, लंबित मानदेय का भुगतान और अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। 9 मार्च से 3 दिनों तक कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। हड़ताल में बीपीओ, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, लेखा सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर और रोजगार सेवक शामिल हैं।झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष शंकर सतपती ने कहा कि जिले के सभी मनरेगा कर्मी सांकेतिक हड़ताल पर चले गये हैं।
ये हड़ताल तीन दिन तक रहेगी। इस बीच सरकार अगर उनकी मांगें नहीं मानती है तो 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे।ज्ञात हो कि पिछले 6 माह से मनरेगा कर्मियों को मानदेय नहीं मिला है। इसके कारण उनके समक्ष परिवार के भरण-पोषण का संकट उत्पन्न हो गया है। सामाजिक सुरक्षा के अभाव में फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मियों को प्रतिकूल एवं असुरक्षित परिस्थितियों में कार्य करना पड़ रहा है।सतपती ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर सरकार ने सकारात्मक पहल नहीं की, तो इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी, जिससे पंचायत स्तर पर मनरेगा का कामकाज पूरी तरह से ठप हो जाएगा।
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