खरसावां-चक्रधरपुर मुख्य सड़क और ग्रामीण इलाकों में वेबजह बना दिए गए हैं 110 गति अवरोधक
सरायकेला,संवाददाता। खरसावां-चक्रधरपुर मुख्य सड़क और आसपास ग्रामीण इलाकों में बनाए गए अनगिनत गति अवरोधक (स्पीड-ब्रेकर) राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है।

सरायकेला,संवाददाता। खरसावां-चक्रधरपुर मुख्य सड़क और आसपास ग्रामीण इलाकों में नियमों को ताक पर रख कर बनाए गए अनगिनत गति अवरोधक (स्पीड-ब्रेकर) राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है।
अवैध गति अवरोधक की समस्या
वर्तमान में बिना किसी ठोस वजह या घनी आबादी के ही सड़क पर 110 से अधिक गति अवरोधक बना दिए गए हैं। जिससे आए दिन वाहन चालक और राहगीर दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के डीसी से इन अवैध गति अवरोधकों को जल्द हटाने की मांग की है।
गति अवरोधकों का प्रभाव
चक्रधरपुर से भोया गांव तक 36 गति अवरोधक बना दिए गए हैं। खूंटपानी प्रखंड (पुरुनिया से उलीराजाबासा व बड़बिल) यहां भी राहगीरों को 36 गति अवरोधकों का सामना करना पड़ रहा है।
वाहनों पर प्रभाव
सरायकेला-खरसावां जिला के जारकाटोला, रुद्रपुर, दिऊड़ी पोटका से बुरुडीह तक 40 गति अवरोधक खड़े कर दिए गए हैं। नियमों के अनुसार, गति अवरोधक केवल घनी आबादी (कम से कम सड़क से सटे 10 घर), स्कूल, अस्पताल, तीखे मोड़ों या तीन सड़कों के मिलान बिंदु पर ही बनाए जाने चाहिए।
आपातकालीन स्थिति में परेशानी
इन गैर-जरूरी जगहों पर बने गति अवरोधकों के कारण आपातकालीन वाहनों जैसे एम्बुलेंस और आम जनता को सफर तय करने में दोगुनी परेशानी हो रही है। झारखंड उच्च न्यायालय ने भी पूर्व में कई मामलों में बिना दिशा-निर्देशों के बने ऐसे अनाधिकृत गति अवरोधकों को हटाने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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