
कुचाई के 150 टीबी मरीजों के बीच पोषण आहार का वितरण
संक्षेप: खरसावां में कुचाई सीएचसी में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 150 टीबी मरीजों के बीच पोषण आहार का वितरण किया गया। डॉक्टरों ने टीबी के लक्षणों पर ध्यान देने और शीघ्र उपचार की आवश्यकता पर जोर...
खरसावां। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कुचाई सीएचसी में टीबी के 150 मरीजों के बीच पोषण आहार का वितरण किया गया। आरएसवी फाउंडेशन द्वारा जिला यक्षमा पदाधिकारी डॉक्टर चंद्रभूषण चौधरी, कुचाई चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुजीत कुमार मुर्मू, आरएसवी फाउंडेशन के शचिकांत त्रिपाठी, एसटीएस नसीमुद्दीन खान, एसटीएम एस मोहम्मद तारिक खान की उपस्थिति में पोषण आहार का वितरण किया गया। मौके पर डॉक्टर चौधरी ने कहा कि यदि आपको टीबी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि शीघ्र निदान और उपचार ही सबसे महत्वपूर्ण है। डॉक्टर थूक परीक्षण और/या अन्य जाँचों के माध्यम से सही निदान कर सकते हैं और उचित उपचार शुरू कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि टीबी (तपेदिक) एक जानलेवा बीमारी है जो कि अनुपचारित रहने पर शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकती है और मृत्यु का कारण बन सकती है। यह एक संक्रामक रोग है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया के कारण होता है और फेफड़ों के साथ-साथ मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और गुर्दे जैसे अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। जबकि डॉक्टर मुर्मू ने कहा कि देश को टी बी से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि टीबी के मरीजों के लिए पोषण आहार जरूरी है। इससे उनकी इम्युनिटी पावर बढ़ती है और रोग से लड़ने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। लोग निक्षय मित्र बनकर इस अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। बताया गया कि 2 सप्ताह से अधिक खांसी, वजन कम होना, हल्का बुखार, बलगम में खून, कमजोरी आदि टी बी के लक्षण हैं। ऐसा होने पर लोग कुचाई अस्पताल में जांच कराएं। दवाएं निशुल्क दी जाती हैं।

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