राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र में चैत्र पर्व का आगाज, एसडीओ ने की माता झुमकेश्वरी की विधिवत पूजा-अर्चना
चैत्र पर्व के अवसर पर सरायकेला में माता झुमकेश्वरी पीठ पर भक्ति और परंपरा का संगम देखने को मिला। पूजा-अर्चना में क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जिससे धार्मिक आस्था और भाईचारे का संदेश मिला।
सरायकेला । चैत्र पर्व के पावन अवसर पर आज स्थानीय राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र द्वारा खरकई नदी के तट पर स्थित माता झुमकेश्वरी पीठ पर भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। पर्व के मद्देनजर माता झुमकेश्वरी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई। इस धार्मिक अनुष्ठान में अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश के अनुपस्थिति में राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के समन्वयक सुदीप कवि मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए। उन्होंने परंपरा के अनुसार मंत्रोच्चार के बीच माता झुमकेश्वरी की पूजा की और आरती उतारी। पूजा के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं और कलाकारों के बीच प्रसाद का वितरण किया गयाकार्यक्रम के दौरान नगर अध्यक्ष मनोज चौधरी और आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला महांती विशेष रूप से उपस्थित रहे।
छऊ कला केंद्र के समन्वय सुदीप कवि के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में गुरु ब्रजेंद्र पट्टनायक और नीरज पटनायक ने भी हिस्सा लिया। इसके अलावा, उपाध्यक्ष अविनाश कवि सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कलाकार और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति इस अनुष्ठान के साक्षी बने। छऊ नृत्य के केंद्र में चैत्र पर्व का विशेष महत्व है। कलाकारों ने बताया कि किसी भी शुभ कार्य या नृत्य साधना की शुरुआत से पहले माता का आशीर्वाद लेने की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि कलाकारों के बीच आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया।
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