साल वृक्ष के नीचे नाया ने गांव की समृद्धि के लिए पूजा-अर्चना की

हिन्दुस्तान, सराईकेला
Follow us on Google News
share

सरायकेला प्रखंड के कदमडीहा गांव में सरहुल पर्व धूमधाम से मनाया गया। नाया नित्यानंद महतो ने पूजा कर गांव की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस त्योहार में गांव के लोग मिलकर नृत्य करते हैं और घरों में साल के फूल लगाते हैं। यह त्योहार चैत्र महीने में मनाया जाता है।

साल वृक्ष के नीचे नाया ने गांव की समृद्धि के लिए पूजा-अर्चना की

सरायकेला। सरायकेला प्रखंड अंतर्गत मुरूप पंचायत के ग्राम कदमडीहा में सरहुल उल्लास पूर्वक मनाया गया। गांव का नाया नित्यानंद महतो ने साल वृक्ष के नीचे गांव की समृद्धि के लिए पूजा-अर्चना की। ग्राम प्रधान सह नाया, नित्यानंद महतो ने कहा कि सरहुल झारखंड में मनाया जाने वाला वसंत ऋतु का त्योहार है। यह प्रकृति पर्व है। यह त्योहार चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन से चैत्र पूर्णिमा तक चलता है। पूजा के ठीक एक दिन पहले गांव का नाया (पुजारी) उपवास रख कर ग्राम-देवता (गोराम देवता) का आह्वान करते हैं। गांव के गडाईत मनसा मुखी घर-घर जाकर सरहुल का निमंत्रण देते हैं।

त्योहार के दौरान, गांव के पुजारी जिन्हें हम नाया कहते हैं गांव की समृद्धि के लिए सूर्य, ग्राम देवता और पूर्वजों को जाहिर थान में साल फूल, फल, सिंदूर, अरवा चावल और एक मुर्गा की बलि चढ़ाते हैं।अनुष्ठान के बाद गांव के लोग साल के फूल लेकर सरहुल नृत्य करते हुए नाया को गांव के प्रत्येक घर तक ले जाते हैं। महिलाएं पुजारी का पैर हल्दी, सरसों तेल से धौते हैं। इसके बाद नाया, घर-घर जाकर साल का फूल घर के दरवाजा में खोंसते हैं। इससे घर की सुख शांति, अच्छी बारिश और अच्छी फसल की कामना करते हैं।इस पावन अवसर पर ग्राम प्रधान नित्यानंद महतो, मनसुख महतो, नंदलाल महतो, भीम महतो, बांका महतो, मुकेश महतो, शैलेश महतो, दीपक महतो सहित गांव के कई लोग जाहिर थान में उपस्थित हुए।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।