झारखंड में दूर होगी बालू की किल्लत, 444 बालू घाट चिह्नित, 298 की हुई ई-नीलामी

Feb 19, 2026 06:18 am ISTMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, रांची
share Share
Follow Us on

झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य में बालू खनन को सुव्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के विभिन्न जिलों में कैटेगरी-II के अंतर्गत कुल लगभग 444 बालू घाट चिह्नित किए गए हैं।

झारखंड में दूर होगी बालू की किल्लत, 444 बालू घाट चिह्नित, 298 की हुई ई-नीलामी

झारखंड सरकार ने राज्य में बालू खनन को सुव्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के विभिन्न जिलों में कैटेगरी-II के अंतर्गत कुल लगभग 444 बालू घाट चिह्नित किए गए हैं। इनमें से झारखंड सैंड माइनिंग रुल्स-2025 के तहत 298 बालू घाटों की ई-नीलामी की प्रक्रिया संबंधित जिलों में पूरी कर ली गई है।

यह जानकारी बजट सत्र के पहले दिन सदन में रखी गई एक्शन टेकन रिपोर्ट में दी गई है। शीतकालीन सत्र के दौरान विधायक शशि भूषण मेहता ने बालू के अवैध खनन पर रोक लगाने के संबंध में सवाल पूछा था। इस पर प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने जवाब दिया था। रिपोर्ट में खान एवं भूतत्व के हवाले से जानकारी दी गई है कि शेष 146 बालू घाटों की ई-नीलामी प्रक्रिया फिलहाल प्रक्रियारत है। इन घाटों के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, ताकि जल्द से जल्द नीलामी संपन्न कराकर बालू आपूर्ति को सुचारु बनाया जा सके। सरकार का उद्देश्य अवैध बालू खनन पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ निर्माण कार्यों के लिए वैध रूप से बालू की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। विभाग ने बताया कि हाईकोर्ट द्वारा बीते 13 जनवरी को पारित आदेश के बाद बालू घाटों के आवंटन पर लगी रोक हटा ली गई है। कोर्ट आदेश के अनुपालन में अब संबंधित जिलों में बालू घाटों के संचालन की आगे की कार्रवाई की जा रही है।

राज्य में दूर होगी बालू की किल्लत

बताया गया है कि रोक हटने के बाद जिला स्तर पर खनन विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इससे न केवल राज्य में बालू की किल्लत दूर होने की उम्मीद है, बल्कि सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।

महिला, बाल विकास अंतर्गत बाल विकास परियोजनाओं में संविदा पर नियुक्त और कार्यरत संविदाकर्मी की जैसे-जैसे संविदा अवधि समाप्त होगी, वैसे-वैसे संविदा पर सृजित पद स्वत: समाप्त हो जाएंगे। और नये नियमित रूप से सृजित पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी विधानसभा सत्र के पहले दिन सदन में रखी गई एक्शन टेकन रिपोर्ट में दी गई है। शीतकालीन सत्र के दौरान विधायक राज सिन्हा ने आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं के नियमितीकरण के संबंध में सवाल पूछा था। इसके जवाब में मंत्री चमरा लिंडा ने सदन में आश्वासन दिया। रिपोर्ट में बताया गया है कि 13 फरवरी को संबंधित आश्वासन महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग को हस्तांतरित किया गया है।

Mohammad Azam

लेखक के बारे में

Mohammad Azam

संक्षिप्त विवरण

मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


राजनीतिक पत्रकारिता में आजम

आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


पत्रकारिता का उद्देश्य

आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।


विशेषज्ञता ( Area of Expertise )

पॉलिटिकल और क्राइम की खबरें
राजनीति से जुड़े लोगों के इंटरव्यू
क्राइम और वायरल खबरें
पॉलिटिकल एक्सप्लेनर

और पढ़ें