
झारखंड में कब शुरू होगी बालू घाटों की नीलामी, मंत्री ने बताया; बस एक इंतजार
झारखंड के बालू घाटों पर लगी रोक जल्द ही हट जाएगी। इस मामले की जानकारी देते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पेसा लागू होते ही यह फैसला लिया जाएगा।
झारखंड में बालू घाटों की नीलामी पर रोक लगी हुई है। इस मामले पर बात करते हुए झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा है कि माइंस डेवलपर ऑपरेटर (एमडीओ) के चयन से राज्य सरकार को कोई राजस्व नुकसान नहीं है। राज्य के 374 बालू घाटों से आम लोगों को 100 रुपए प्रति सीएफटी की दर से बालू दिया जा रहा है। यह काम ग्रामसभा कर रही है। बालू घाटों के संचालन के लिए एमडीओ का चयन किया गया है। इनका चयन निविदा से काफी कम दर पर भुगतान कर किया गया है। मंत्री योगेंद्र प्रसाद भाजपा विधायक डॉ. कुशवाहा शशि भूषण के मंगलवार को बालू घाटों पर सदन में पूछे सवाल का जवाब दे रहे थे।
पेसा लागू होती ही बालू घाटों की नीलामी
इस मामले पर बात करते हुए हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि बालू घाटों की नीलामी पर लगी रोक जल्द ही हटा ली जाएगी। इसके लिए पेसा कानून लागू होने का इंतजार है। बता दें कि झारखंड हाई कोर्ट ने पेसा कानून को लेकर झारखंड सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने सरकार को जल्द से जल्द पेसा कानून लागू करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सरकार से पेसा कानून लागू करने की तारीख तक बताने के लिए कह दिया है।
100 रुपए प्रति सीएफटी बालू नहीं मिल रहा
विधायक नवीन जायसवाल ने दावा किया कि किसी भी जिले या गांव में आम लोगों को 100 रुपए सीएफटी (मतलब 200 रुपए प्रति ट्रैक्टर) बालू नहीं मिल रहा है। यह सरासर गलत है। जायसवाल ने सैंड माइनिंग रुल्स-2025 पर सवाल उठाया। रुल्स के तहत राज्य का कोई भी व्यक्ति घाटों की नीलामी में शामिल नहीं सकता। ऐसे में फिर से दिल्ली, मुबंई के लोग नीलामी में शामिल होंगे।





