अनुमंडल अस्पताल में एक साल से अल्ट्रासाउंड ठप
राजमहल अनुमंडल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा लगभग डेढ़ वर्ष से ठप है, जिससे गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्राइवेट अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है। सरकारी निरीक्षण के बावजूद डॉक्टरों की कमी और सेवाओं में सुधार नहीं हो पाया है।

राजमहल, प्रतिनिधि। अनुमंडल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा पूरी तरह ठप रहने से क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन विभाग के द्वारा अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार अनुमंडल अस्पताल में लगभग कमो बेस कुछ दिन खुला कुछ दिन बंद को छोड़ दिया जाए तो डेढ़ वर्षो से अल्ट्रासाउंड बंद है। जिसके कारण क्षेत्र की गर्भवती महिला सहित अन्य मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।खास करके गरीब तबके के लोगों को काफी दिक्कत हो रही है प्राइवेट में राजमहल , साहिबगंज, भागलपुर, पश्चिम बंगाल के मालदा आदि अन्य जगहों पर अधिक पैसा देकर अल्ट्रासाउंड करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार पिछले जुलाई 2024 में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब रहने से सेवा पूरी तरह बाधित थी। फिर मशीन को ठीक कराया गया। मशीन तो ठीक हो गई ।लेकिन संबंधित डॉक्टर विभागीय ट्रेनिंग में चले जाने के कारण सेवा फिर से बंद हो गया। फिर कुछ दिनों के लिए चालू किया गया उसके बाद जो डॉक्टर (सोनोग्राफर )अपनी सेवा दे रहे थे। जुलाई 2025 में उसका स्थानांतरण कर दिया गया। उसके बाद से ना ही किसी सोनोग्राफर की पदास्थापित हुई है ना ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था किया गया है। इसके बाद से लगभग 8 महीना से अल्ट्रासाउंड पूरी तरह ठप है।एक तरफ सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने को लेकर हर संभव उपाय कर रही है लेकिन राजमहल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी अब तक बनी हुई है। अस्पताल में कुल 22 डॉक्टर पदास्थापित है लेकिन मात्र 5 डॉक्टर के भरोसे लगभग 3 लाख लोगों का स्वास्थ्य व्यवस्था चल रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजमहल में आयोजित एक कार्यक्रम से वापस लौटने के क्रम में अचानक पहली बार अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे और विधि व्यवस्था सुधारने की बात कही थी। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी कि अस्पताल की विधि व्यवस्था सुधर जाएगी।लेकिन उनके आने के बावजूद भी अब तक व्यवस्था में किसी प्रकार का सुधार नहीं हो पाया है। जिस कारण लोगों को पश्चिम बंगाल, बिहार सहित अन्य जगहों पर अपना और परिजनों का इलाज कराने के लिए जाना पड़ता है। क्या कहते हैं सोनोलॉजिस्ट या एमडी रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण अनुमंडल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड प्रभावित है। उनकी जानकारी विभाग के बढ़िए पदाधिकारी को दे दी गई है।डॉक्टर की कमी को लेकर उन्होंने बताया कि पांच डॉक्टरों के भरोसे अस्पताल चल रहा है। डॉ उदय टुडू, प्रभारी उपाधीक्षक , अनुमंडल अस्पताल, राजमहल

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