सतुआनी पर्व पर श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान, पूजा-अर्चना
राजमहल में मंगलवार को सतुआन पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर पूजा-अर्चना की और इष्ट देवता को सत्तू, आम का टिकोला, गुड़ और चीनी का भोग चढ़ाया। मेष संक्रांति पर मनाया जाने वाला यह पर्व धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, जो नए शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक है।

राजमहल। शहर सहित प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार को धूमधाम से हर्षोल्लास के साथ सतुआन पर्व मनाया गया। पर्व को लेकर सुबह से ही सूर्य देव घाट, फेरी घाट,राम घाट, बजरंग घाट में उत्तर वाहिनी गंगा पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पूरे विधि विधान से गंगा घाटों पर और मंदिरों में पूजा अर्चना कर अपने-अपने इष्ट देवता को जव,चना,मकई के सत्तू, आम का टिकोला, गुड़ ,चीनी का भोग लगाया। और दान पुण्य किया। जानकारी के अनुसार मेष संक्रांति को सतुआन पर्व के तौर पर मनाया जाता है।इस दिन सत्तू खाने की परंपरा काफी समय से चली आ रही है।धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है यह पर्व मेष संक्रांति पर सूर्य देव की पूजा के साथ मनाया जाता है, जिससे खरमास समाप्त होता है और नए शुभ कार्यों की शुरुआत होती है।
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