बालू उठाव पर 10 जून से लगेगी रोक, निर्माण कार्य पर पड़ेगा असर
साहिबगंज में पिछले साल 24 घाटों का डाक होने के बावजूद बालू उत्खनन शुरू नहीं हुआ है। वर्तमान में केवल पांच घाटों का संचालन हो रहा है, जबकि 10 जून से 15 अक्टूबर तक बालू उठाव पर रोक लग जाएगी। इससे बालू की कीमतें बढ़ने की संभावना है, जिससे अवैध धंधा बढ़ सकता है।

साहिबगंज। पर्यावरण मंजूरी यानी ईसी नहीं मिलने से पिछले साल जिले में 24 घाटों का डाक होने के बावजूद अबतक बालू उत्खनन शुरू नहीं हो सका है। वर्तमान में जिले के तीन अंचलों में कैटेगरी ए के तहत आने वाले सिर्फ पांच बालू घाटों का संचालन ग्राम सभा के माध्यम से हो रहा है।
बालू संकट की संभावना
हालांकि एनजीटी के गाइड लाइन पर आगामी 10 जून से 15 अक्टूबर तक इन घाटों से बालू उठाव पर रोक लग जाएगी। उसके बाद जिले में बालू संकट गहरा सकता है। जानकारी के मुताबिक साहिबगंज जिला में बालू भंडारण के लिए एक भी स्टॉक यार्ड नहीं है। पाकुड़ , गोड्डा व दुमका में स्टॉक यार्ड रहने से यहां के लोगों को वहां से बालू लाकर काम चलाना पड़ेगा। इससे बालू की कीमत आसमान छूने लगेगी। वर्तमान में बालू 6000 से लेकर 7000 रुपये 100 सीएफटी बिक रहा है। बालू उठाव बंद हो जाने से उसकी कीमत सीधे 10 हजार रुपये प्रति 100 सीएफटी तक पहुंच जाएगा। इससे बालू के अवैध धंधे से जुड़े लोगों की बल्ले हो जाएगी।
बालू उठाव की वर्तमान स्थिति
जिला प्रशासन के निर्देश पर वर्तमान में गुमानी नदी से पांच जगह पर बालू उठाव किया जा रहा है। यह बालू घाट पतना, बरहेट व बरहरवा अंचल में है।
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