
कई छठ घाटों की स्थिति अच्छी नहीं, किया जा रहा है दुरूस्त
संक्षेप: साहिबगंज में गंगा नदी इस बार ढाई महीने तक खतरे के निशान से ऊपर रही, जिससे छठ पर्व मनाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने ओझाटोला घाट को असुरक्षित घोषित कर दिया है,...
साहिबगंज। गंगा नदी में इसबार कई सालों के बाद करीब ढाई महीने तक खतरे के निशान से ऊपर रही। इससे गंगातट दलदली व किचड़मय हो गया है। इसका असर इसबार लोक आस्था का महापर्व छठ करने वालों पर दिखेगा। जिला मुख्यालय से सटे मुख्य रूप से करीब आठ छठ घाटों पर हरसाल शहर के लोग अर्घ्य देने पहुंचते हैं। हालांकि पुरानी साहिबगंज ओझाटोला घाट में बिल्कुल पास गंगा में पानी की धारा तेज रहने से जिला प्रशासन ने फिलहाल उसे असुरक्षित घोषित कर दिया है। जिला प्रशासन की ओर से यहां इस आशय का सूचना पट भी लगा दिया गया है।

इससे हर साल यहां छठ पर अर्घ्य देने वाली बड़ी आबादी की परेशानी बढ़ गई है। वैसे नगर परिषद की ओर से कई दिन पहले से ही शहर से सटे अधिकांश घाटों की साफ सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। चानन जनता घाट स्थित जिला के एक मात्र छठ मंदिर का रंग-रोगन का काम चल रहा है। स्थानीय दिनेश यादव, विकास पासवान आदि बताते हैं कि छठ घाट की साफ सफाई शुरू कर दी गई है। यहां अच्छी खासी संख्या में व्रती छठ पर अर्घ्य देने पहुंचते हैं। बिजली घाट व शकुंतला घाट के पास जमी गाद व झाड़ी को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। स्थानीय निवासी उमेश यादव, सुधीर सिंह आदि बताते हैं कि नगर परिषद की ओर से घाट पर जमे गाद को हटाने का काम चल रहा है। घाट में उग आई झाड़ियां को भी हटाया जा रहा है। पूजा तक घाट पूरी तरह से साफ कराने का काम हो जाएगा। इसी प्रकार रो-रो फेरी घाट, संत जेवियर घाट शीतला मंदिर घाट, गोपालपुर घाट में भी साफ सफाई का काम छठ पूजा को लेकर चल रहा है। जनता घाट पर होगी बैरिकेडिंग चानन जनता घाट के सोनू चौधरी, भोला रविदास आदि बताते हैं कि सूर्य मंदिर का रंग रोगन का काम शुरू हो गया है। दीपावली के बाद छठ घाट की साफ सफाई और बैरिकेडिंग का काम होगा। यहां के लोग दूसरे घाट पर देेंगे अर्घ्य साहिबगंज। ओझा टोली घाट में फिलहाल हो रहा गंगा का तेज बहाव ओझा टोली घाट में इस बार छठ व्रत के लिए फिलवक्त कतई सुरक्षित नहीं है। घाट के पास से जल का प्रवाह तेज गति से होता दिख रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक छठ व्रतियों के लिए यह घाट इस बार कतई सुरक्षित नहीं है। टोले के स्थानीय युवा उत्सव पांडे, अमन ओझा बताते हैं कि इस बार घाट के बिल्कुज पास गहरा पानी का बहाव हो रहा है। ऐसी स्थिति में यहां छठ करना कहीं ना कहीं खतरनाक होगा। इसलिए यहां के लोगों ने तय किया है कि इस बार दूसरे घाट में छठ का अर्घ्य देने जाएंगे। फोटो 21, ओझा टोला घाट की स्थिति। नोट: उपरोक्त खबरों को एकसाथ देना है। --------------------------------------------

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