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साहिबगंज के जंगलों से लौटने को तैयार नहीं गजराज!

झुंड से भटका गजराज यहां से लौटने को तैयार नहीं है। गजराज को साहिबगंज जिला के जंगल से खदेड़ने के लिये वन विभाग ने तीन टीम के 30 एक्सपर्ट को लगाया है। गजराज जंगल छोड़ने को तैयार नहीं है। दरअसल, सोमवार को वन विभाग की टीम ने तालझारी प्रखंड के देवटिकरी व बोगा पहाड़ से झुंड से बिछ़डे हाथी को जिले से बाहर करने के लिये खदेड़ते हुए बोरियो के चंपा पहाड़ तक ले आई। सोमवार की शाम हाथी भगाने वाली एक्सपर्ट टीम के सदस्यों की नजर से ओझल होकर जंगल में छुप गया। वन विभाग की टीम मंगलवार को दिनभर हाथी को ढुंढने में परेशान रही। उधर, टीम ने रात को काफी मशक्कत के बाद हाथी को बोरियो के नीरा पहाड़ स्थित तेतरिया गांव तक पहुंचाया। हाथी चंपा पहाड़ के आगे नहीं बढ़कर दोबारा नीरा पहाड़ की ओर घुम गया। हालांकि अब भी गोड्डा के एसीएफ अनिल कुमार, बोआरीजोर रेंजर रामचंद्र पासवान, रेंजर प्रेमचंद शुक्ला, रवीन्द्र तिवारी, कुलपति लाल दास व वनकर्मी व सुरक्षा बल जंगल में हाथी को भगाने में जुटे हैं। केला, पानी व बांस की मोह में नहीं जाना चाहता हाथी : झुंड से बिछड़े हाथी को यहां के जंगल में खाने के लिये प्रचुर मात्रा में केला व बांस एवं पीने के लिये पर्याप्त मात्रा में पानी मिल रहा है। वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि अनुकूल माहौल मिलने की वजह से हाथी को यह इलाका भाह गया है और वह यहां के जंगल को छोड़ना नहीं चाह रहा है। विभाग की टीम किसी तरह से हाथी को जिला की सीमा क्षेत्र से बाहर निकाल जंगल से दूर पहुंचा देना चाहता है। इसके बाद गोड्डा वन विभाग इसे दुमका के हिजला तक पहुंचाएगा। डेढ़ महीने से डेरा डाल रखा है हाथी : झुंड से बिछड़ा हाथी ने पहली बार बीते 15 अप्रैल को तालझारी ब्लॉक के डालावरी पहाड़ पर तीन घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया था।

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  • Web Title:elephants not ready to return from the forest of Sahibganj!