रबी फसल की साहिबगंज जिला में अबतक 61 फीसदी बुआई
साहिबगंज जिले में रबी फसल की बुआई अब तक पूरी नहीं हुई है। अक्टूबर में आए मोंथा तूफान और भारी बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हो गया, जिससे बुआई में विलंब हुआ। कृषि विभाग ने 61% फसल आच्छादन की सूचना दी है, जबकि उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक यह 80% से अधिक हो जाएगा।

साहिबगंज। जिला में रबी फसल की बुआई अबतक पूरी नहीं हुई है। दरअसल, बीते अक्टूबर महीने में मोंथा तूफान के आने और भारी बारिश होने से रबी फसल बुआई के लिए समय पर खेत तैयार नहीं हो सके। दरअसल, खेतों में काफी पानी जमा होने व उसकी निकासी में काफी विलंब होने से रबी फसल बुआई भी विलंब से शुरू हो पाया। पूर्व में रबी फसल दिसम्बर के प्रथम सप्ताह तक लगभग पूरा हो जाता था। हालांकि इस बार पिछात होता जा रहा है। बारिश-पानी-तूफान के कारण रबी आच्छादन लक्ष्य से पिछड़ गया है। रबी के विभिन्न फसल मसलन, गेहूं, चना, तिलहन, मक्का आदि की बुआई खेतों में करने में विलंब हो गया है।
जिला कृषि विभाग से निर्धारित आच्छादन लक्ष्य के विरुद्ध अबतक करीब 61 फीसदी ही फसल आच्छादन हो सका है। इस साल गेहूं 13000 हेक्टेयर, मक्का 1100, दलहन 19700 एवं तिलहन फसलों के 19000 हेक्टेयर में आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें गेहूं का आच्छादन सबसे अधिक 71 प्रतिशत हो सका है। मक्का का 71 प्रतिशत, दलहन 48 प्रतिशत एवं तिलहन फसलों का आच्छादन 67 प्रतिशत हो पाया है। वैसे उम्मीद है की आगामी एकाध सप्ताह के दौरान रबी की बुआई 80 फीसदी से अधिक हो जायेगी। विलंब रबी फसल पर देना होगा विशेष ध्यान तूफान आदि के कारण कई रबी फसल विलंब से बोया जा सका है। इससे अच्छी उपज के लिए किसानों को विशेष ध्यान देने की जरुरत होगी। कई कृषि विशेषज्ञों ने लेट बुआई की फसलों के लिए सुझाव दिया है कि उनमें समय-समय पर जरुरी खाद और अन्य रसायनों का छिड़काव कराना होगा। अब जबकि कुहासा, ठंड का प्रकोप बढ़ेगा तो फसल को पाला मारने का डर रहेगा। इससे बचाव के लिए कुछ सावधानी बरतने की सुझाव दिया गया है। केवीके के कृषि विज्ञानी डा. एके सिंह ने बताया कि पाला आदि से बचाव के लिए संबंधित फसल में सिंचाई जरुरी होगी और कुछ जरुरी दवाओं का भी छिड़काव होना जरुरी होगा। इससे पैदावार ठीक ठाक होगा। नोट: उपरोक्त खबरों को एकसाथ देना है।

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