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गंगा में जबतक पानी है, तब तक ही जिंदगानी : बहादुर उरांव

साहिबगंज जिला गंगा समिति के सौजन्य व प्रायोजित एवं साहिबगंज कॉलेज के भू विज्ञान विभाग व इंडियन हिमालय रिवर बेसिन काउंसिल के सहयोग से आयोजित दो...

गंगा में जबतक पानी है, तब तक ही जिंदगानी : बहादुर उरांव
हिन्दुस्तान टीम,साहिबगंजThu, 21 Apr 2022 12:40 PM
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साहिबगंज जिला गंगा समिति के सौजन्य व प्रायोजित एवं साहिबगंज कॉलेज के भू विज्ञान विभाग व इंडियन हिमालय रिवर बेसिन काउंसिल के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कन्वेंशन के अंतिम दिन गुरुवार को शहर के पोखरिया स्थित टाउन हॉल में विषय पहाड़ी धाराओं का कायाकल्प एवं झारखंड में गंगा का पुनरूद्धार विषय पर सेमिनार हुआ।

सेमिनार में विद्यार्थियों के अलावा सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय जल पुरूष डॉ राजेन्द्र सिंह, गेस्ट ऑफ ऑनर सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (दुमका) की कुलपति प्रो सोना झरिया मिंज , इंडियन हिमालय रिवर बेसिन काउंसिल (दिल्ली) की चेयरपर्सन डॉ इंदिरा खुराना , वरीय पत्रकार मधुकर, पहाड़ पर्यावरण के कार्य कर रहे बहादुर उरांव, डीसी रामनिवास यादव , डीएफओ मनीष तिवारी, कॉलेज के प्रभारी प्राचार्या डॉ राहुल कुमार संतोष व ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ रणजीत कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से बारी-बारी से दीप प्रज्वलित कर किया। इससे पहले अतिथियों के कार्यक्रम स्थल पर आगमन पर स्वागत संताली परंपरा से आदिवासी कल्याण छात्रवास की छात्राओं ने किया। डॉ. राजेंद्र सिंह ने गंगा को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मधुकर ने कहा कि गंगा में जबतक पानी है, तब तक जिंदगानी है। बहादुर उरांव ने कहा कि कर्म करने से ही उसका फल मिलेगा। गंगा को बचाने के लिए हरेक व्यक्ति को आगे आना होगा। मौके पर बहादुर उरांव को शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने मंच से स्मारिका का विमोचन हुआ। डीएफओ मनीष तिवारी ने वर्षा जल बचाने पर जोर दिया। डीसी रामनिवास यादव ने स्वागत भाषण किया। मंच संचालन संतोष चौधरी ने किया। दूसरे सत्र यानी तकनीकी सत्र में देश के विभिन्न राज्य से आए प्रोफेसर, फैकल्टी, शोधकर्ता, आदि ने अपना अपना शोध पत्र पर व्याख्यान देगें। अभी तक 15 से अधिक शोध पत्र मेल के माध्यम से आयोजक को मिले हैं। यह सत्र शेक्षाणिक होगा। मुख्य रूप से बंगाल, बिहार, झारखंड ,उत्तराखंड ,जम्मू , उत्तर प्रदेश ,बीएसआइपी लखनऊ,केंद्रीय भूजल विभाग, सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों से शोधार्थी, प्रोफेसर आदि भाग ले रहे हैं।

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