26 वां वार्षिक महोत्सव वैदिक सत्संग महायज्ञ का समापन
उधवा में आर्य समाज द्वारा आयोजित 26वें वार्षिक महोत्सव वैदिक सत्संग महायज्ञ का समापन हुआ। तीन दिनों तक भजन और प्रवचन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया गया। आचार्य सुनील देव ने माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि साध्वी साधना आर्या ने यज्ञ के महत्व पर जोर दिया।

उधवा। पूर्वी उधवा के भुदेव मंडल टोला स्थित बजरंगी बली मंदिर के पास आर्य समाज की ओर से तीन दिवसीय 26वां वार्षिक महोत्सव वैदिक सत्संग महायज्ञ रविवार की देर रात सम्पन्न हो गया। जानकारी के अनुसार तीन दिनों तक भजन व दिव्य प्रवचन से लोगों का मनमोह लिया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के बदायूं से आचार्य सुनील देव ने कहा कि माता सबसे पहली गुरु होती है,उसके बाद पिता गुरु बनता है। मां हमें संस्कार सिखाती है और पिता हमें मार्ग दिखाते है। उन्होंने युवाओं को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया गया।वहीं उत्तर प्रदेश के हरदोई से साध्वी साधना आर्या ने भजनों व प्रवचन के माध्यम से यज्ञ की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यज्ञ श्रेष्ठतम कर्म हैं।
यज्ञ से ही पर्यावरण की शुद्धि होती है,यह विश्व का कल्याण होता है। मौके पर ज्ञान चंद्र मंडल,संजय कुमार आर्य,विकास मंडल,ईश्वर कुमार भगत,राजेश मंडल,सदस्य धर्मव्रत आर्य,उत्तम आर्य,अमृत आर्य आदि थे।
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