ड्रोन कैमरे से जमीन सर्वे पर लातेहार में बवाल, 8 पुलिसवालों को बना लिया बंधक; करनी पड़ी फायरिंग
झारखंड के लातेहार में गुरुवार को गांववालों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हो गई। यहां ड्रोन कैमरा छुड़ाने गई पुलिस की टीम जब कुछ लोगों को हिरासत में लेकर जाने लगी तो गांव वालों ने पत्थरबाजी की और पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया। इस दौरान पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी।

झारखंड के लातेहार में गुरुवार को बवाल हो गया। यहां के सदर थाना क्षेत्र के कैमा गांव में ड्रोन कैमरे से जमीन सर्वे के मामले में गुरुवार को ग्रामीणों और पुलिस के बीच तनाव उत्पन्न की स्थिति बन गई थी। गांव वालों के जब्त ड्रोन कैमरा छुड़ाने गई पुलिस पर पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इससे पहले ग्रामीणों ने थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिन्हा, जवान राजेश कुमार सहित आठ पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया। वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला फिलहाल शांत है।
जानकारी के अनुसार, करीब एक माह पहले कैमा गांव और आसपास के इलाके में एक निजी कंपनी द्वारा ड्रोन कैमरे से जमीन का सर्वे किया जा रहा था। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए ड्रोन कैमरा छीन लिया था। पुलिस और कंपनी के प्रतिनिधियों ने कई बार ड्रोन कैमरा वापस करने की अपील की, लेकिन ग्रामीणों ने इनकार कर दिया। गुरुवार को इसी मामले में पुलिस टीम कैमा गांव पहुंची थी। बताया जाता है कि पुलिस कुछ चिन्हित युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले जाने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। देखते ही देखते ग्रामीणों ने थाना प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों को घेर कर बंधक बनाया लिया। देखें P10
पेसा कानून का हवाला देकर विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि उनका क्षेत्र अनुसूचित क्षेत्र में आता है और यहां पेसा कानून लागू है। स्थानीय ग्रामीण बहादुर टाना भगत ने बताया कि बिना ग्रामसभा की अनुमति के किसी भी प्रकार का सर्वे या जमीन से संबंधित कार्य नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने गांव की अनुमति के बिना ड्रोन सर्वे कराया, जिसका विरोध किया गया।
पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस गांव के कुछ युवकों को हिरासत में लेकर उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना कर रही थी। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस दल को घेरकर बंधक बना लिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ग्राम सभा के माध्यम से आम सहमति नहीं बन जाती है तब तक किसी भी प्रकार का कार्य का विरोध किया जाएगा।
डीएसपी समेत भारी पुलिस बल पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों को जानकारी दी गई। इसके बाद डीएसपी, इंस्पेक्टर समेत अतिरिक्त पुलिस बल को कैमा गांव भेजा गया। अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों और पुलिस के बीच बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। समाचार लिखे जाने तक गांव की स्थिति तनावपूर्ण में ही बताई गई।
क्या कहते हैं एसपी
लातेहार के एसपी कुमार गौरव ने बताया कि सर्वे करने वाली टीम की सामग्री पहले से ग्रामीणों के पास थी और इसकी शिकायत थाने में दर्ज थी। उसी सिलसिले में पुलिस जांच के लिए गांव गई थी। ग्रामीण पेसा कानून का हवाला देते हुए किसी भी कार्य से पहले अनुमति लेने की बात कह रहे थे। एसपी ने कहा कि मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे, लेकिन पुलिस ने संयम से काम लेते हुए ग्रामीणों को समझाया और बातचीत के जरिए स्थिति को शांत करा दिया। फिलहाल स्थिति सामान्य है।
लेखक के बारे में
Mohammad Azamसंक्षिप्त विवरण
मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।
राजनीतिक पत्रकारिता में आजम
आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।
पत्रकारिता का उद्देश्य
आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।
विशेषज्ञता ( Area of Expertise )
पॉलिटिकल और क्राइम की खबरें
राजनीति से जुड़े लोगों के इंटरव्यू
क्राइम और वायरल खबरें
पॉलिटिकल एक्सप्लेनर


