‘हमने जंतर-मंतर पर जो’... रांची में 'विधानसभा मार्च' के लिए CJP नेता ने बताया क्या तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी का एक डेलिगेशन 8 अगस्त को रांची पहुंचा था। इस बीच कल होने वाले विधानसभा मार्च को लेकर भी सीजेपी तैयार है। पार्टी के नेता ने मार्च में सीजेपी की क्या भूमिका होगी इसकी जानकारी दी है।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर रविवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के डेलिगेशन की सरकार के साथ दूसरे दौर की बातचीत हु जो कि बेनतीजा रही। नाराज छात्र अब आज 'विधानसभा मार्च' निकालने जा रहे हैं। छात्र छात्र मामले की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) से कराने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं मगर सरकार ने सीआईडी और ईडी से जांच करवाने के लिए हामी दी है।
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) भी कल छात्रों के 'विधानसभा मार्च' में शामिल होने जा रही है। पार्टी के करीब 400 वालंटियर छात्रों के साथ खड़े होंगे। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) का एक प्रतिनिधिमंडल 8 अगस्त को रांची पहुंचा।
सीजेपी नेता की ओर से मार्च को लेकर क्या कहा गया?
इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल सीजेपी के कोर सदस्य मुकेश ऑल राउंडर ने बताया कि 'प्रदर्शनकारी छात्रों की जो मांगे हैं हम उनके साथ हैं। हमारी कोई नई मांग नहीं है। यहां का अगर एक भी बच्चा नाखुश है तो इसका मतलब न्याय नहीं हुआ है। इन्होंने (सरकार) जो मांगें मानी हैं इसका मतलब है कि नाकामी हुई है तो सीजीएल में ये कैसे कह सकते हैं कि नहीं हुई है।'
उन्होंने आगे कहा ‘हमारे 400 वालंटियर की टीम इनके (छात्र प्रदर्शनकारी) साथ है। हमने जंतर-मंतर पर जो लड़ाई लड़ी है वो उन्हीं वालंटियर के दम पर लड़ी थी। वहीं अनुभव हमारे वालंटियर यहां लेकर आए हैं और इस मार्च को हम पीछे रहकर सफल बनाएंगे। इन बच्चों की जब तक 100 फीसदी मांगें नहीं मानी जाती हैं तब तक हम यहां से नहीं हटेंगे।’
सरकार ने कहा - छात्रों की 98 फीसदी मांगें मानी
आपको बता दें कि बैठक के बाद सरकार की ओर से कहा गया है कि छात्रों की 98 फीसदी मांगों को मान लिया गया है। सरकार के इस दावे को विरोध कर रहे छात्र नेताओं ने झूठ करार दिया है। छात्र नेताओं का कहना है कि हमने 13 परीक्षा को रद्द करने की मांग की थी जिसमें से सिर्फ 3 परीक्षाएं रद्द की गई हैं। वहीं सरकार ने जेपीएससी-पीटी परीक्षा रद्द करने पर सहमति तो दी है लेकिन जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा सरकार रद्द करने से मना कर दिया है। इसके अलावा सरकार की ओर से बताया गया है कि 14 जेपीएससी और 23 और 25 के बैकलॉग की जांच दो तरीके से होगी। ईडी वित्तीय अनियमिताओं की जांच करेगी जबकि आपराधिक मामलों की जांच सीआईडी करेगी। वहीं सरकार ने जांच सीबीआई से करवाने की मांग की थी। छात्रों प्रतिनिधियों ने कहा है कि उन्हें सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं क्योंकि यह एजेंसी मामलों को ठंडे बस्ते में डालने के लिए जानी जाती है।


