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28 सितम्बर, 2020|8:35|IST

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चिंताजनक : कई कॉलेजों में स्नातक की 20 प्रतिशत सीटें भरना भी मुश्किल

चिंताजनक : कई कॉलेजों में स्नातक की 20 प्रतिशत सीटें भरना भी मुश्किल

रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों में स्नातक के अकादमिक सत्र 2020-23 में ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया मंगलवार को शुरू हुई। मारवाड़ी कॉलेज और वीमेंस कॉलेज को सबसे अधिक आवेदन मिले हैं। वहीं कई कॉलेज ऐसे हैं, जहां प्रथम चयन सूची के आधार पर 20 प्रतिशत सीटें भी भरना मुश्किल हैं। इन कॉलेजों को काफी कम आवेदन मिले हैं। पिछले वर्ष कॉलेजों में ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन फॉर्म भरने का भी विकल्प दिया गया था। लेकिन इस बार सभी आवेदन चांसलर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भरे गए। एक वजह यह भी बताई जा रही है कि ऐसे कॉलेज जहां ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी अधिक संख्या में नामांकन लेते थे, वहां इस बार ग्रामीण क्षेत्रों से काफी कम आवेदन आए। इसकी वजह उन क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या बताई जा रही है।

कॉलेजों के लिए समस्या :

जेएन कॉलेज धुर्वा में स्नातक की 3300 सीटें हैं, जबकि सभी विषयों को मिलाकर कॉलेज को सिर्फ 416 आवेदन ही प्राप्त हुए। इन आवेदनों में भी कई का भुगतान नहीं हुआ है, जिसके कारण संख्या और भी कम हो सकती है। राम लखन सिंह यादव कॉलेज में स्नातक की दोनों पालियों को मिलाकर 5730 सीटें हैं। प्रथम पाली में 2865 सीटें हैं, जिनके लिए कॉलेज को सिर्फ 523 आवेदन मिले हैं। कॉलेज के लिए प्रथम पाली की सीटें भरनी भी मुश्किल हो रही है। यही हाल एसएस मेमोरियल कॉलेज का है, यहां स्नातक की लगभग 2500 सीटें हैं। कॉलेज को 969 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर छात्रों को जागरूक किया जा रहा :

चांसलर पोर्टल से नामांकन के लिए कई कॉलेज अपनी ओर से छात्रों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। एसएस मेमोरियल कॉलेज की ओर से सभी आवेदकों का विषयवार व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इन ग्रुप में चांसलर पोर्टल से ऑनलाइन नामांकन संबंधित निर्देशों का हिंदी में ऑडियो बनाकर ग्रुप में पोस्ट किया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र इसे आसानी से समझ सकें। कॉलेजों की ओर से आवेदकों को हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं।

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  • Web Title:Worrying It is also difficult to fill 20 percent of graduate seats in many colleges